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जहाँ गिरी थी माँ सती की 'दाहिनी भुजा' (Right Arm)! | चट्टल भवानी शक्तिपीठ का रहस्य और इतिहास 🚩

Dharmik Insight

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जहाँ गिरी थी माँ सती की 'दाहिनी भुजा' (Right Arm)! | चट्टल भवानी शक्तिपीठ का रहस्य और इतिहास 🚩

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५१ शक्तिपीठों की इस पावन और प्रामाणिक श्रृंखला में आज हम दर्शन करेंगे नवम महाशक्तिपीठ—'श्री चट्टल भवानी शक्तिपीठ' (सीताकुंड, चट्टोग्राम, बांग्लादेश)। चट्टोग्राम (चटगांव) के पास चंद्रनाथ पर्वत की हरी-भरी पहाड़ियों में स्थित यह शक्तिपीठ सनातन आस्था, तांत्रिक ऊर्जा और रामायण कालीन स्मृतियों का एक अत्यंत जाग्रत केंद्र है। इस वीडियो में जानिए चट्टल भवानी शक्तिपीठ का सम्पूर्ण इतिहास, पौराणिक संदर्भ और जाग्रत स्वरूप: • भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र से यहाँ माँ सती की 'दाहिनी भुजा' (Right Arm/दक्ष बाहु) गिरी थी। • यहाँ की अधिष्ठात्री शक्ति माँ 'भवानी' और पर्वत शिखर पर विराजमान उनके रक्षक भैरव 'चंद्रशेखर' का स्वरूप। • 'सीताकुंड' का पावन रहस्य: त्रेतायुग में वनवास के समय मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम और माता सीता का इस पावन भूमि पर आगमन। • चंद्रनाथ पहाड़ी के शीर्ष पर लगभग १,१५० फीट की ऊंचाई पर स्थित चंद्रशेखर शिव मंदिर और वहां प्रस्फुटित होने वाली प्राकृतिक भूमिगत ज्वाला। • बड़वानल कुंड और प्राकृतिक गरम जल के चमत्कारी स्रोतों का रहस्य। • शिव चतुर्दशी (महाशिवरात्रि) के पावन अवसर पर लगने वाला ऐतिहासिक मेला और तीर्थ परंपरा। सनातन धर्म के ५१ शक्तिपीठों की इस महा-यात्रा से जुड़ने के लिए वीडियो को Like करें, अन्य भक्तों के साथ Share करें और चैनल को Subscribe करें! 🔔 #ChattalaBhavani #51Shaktipeeth #Sitakunda #BangladeshTemples #ShaktipeethSeries #SanatanDharma #SanatanGyan #ChandrashekharBhairav #MaaBhavani #chittagong