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शिवमहापुराण की वायवीय संहिता (उत्तरखण्ड) के अध्याय 34, 35 और 36 में भगवान शिव की महिमा, उपमन्यु मुनि

Nishant Rana Pacfc

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शिवमहापुराण की वायवीय संहिता (उत्तरखण्ड) के अध्याय 34, 35 और 36 में भगवान शिव की महिमा, उपमन्यु मुनि

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शिवमहापुराण की वायवीय संहिता (उत्तरखण्ड) के अध्याय 34, 35 और 36 में भगवान शिव की महिमा, उपमन्यु मुनि का प्रसंग तथा शिवलिंग व शिवमूर्ति की प्रतिष्ठा का वर्णन किया गया है। अध्यायों का संक्षिप्त विवरण • अध्याय 34: इस अध्याय में महर्षि उपमन्यु की शिवभक्ति, भगवान शिव और माता पार्वती द्वारा उपमन्यु को दर्शन देकर उनका मस्तक सूंघना और उन्हें अपना पुत्र मानना, अमृतत्व तथा गणपति व कुमार का सनातन पद प्रदान करने का प्रसंग आता है। साथ ही माता पार्वती द्वारा उन्हें ब्रह्म विद्या, योग-जनित ऐश्वर्य और पाशुपत व्रत तथा ज्ञान का वरदान दिया जाता है। • अध्याय 35: इस अध्याय में लिंग में शिव का प्राकट्य तथा उनके द्वारा ब्रह्मा और विष्णु को दिए गए दिव्य ज्ञानोपदेश और ओंकार (शब्दब्रह्म) के प्राकट्य का वर्णन है। • अध्याय 36: इस अध्याय में श्रीकृष्ण और अन्य जिज्ञासुओं के प्रश्न पर शिवलिंग एवं शिवमूर्ति की प्रतिष्ठा की विधि का विस्तार से वर्णन किया गया है। 🔱 शिवमहापुराण अध्याय 34, 35, 36 | उपमन्यु मुनि को शिव-पार्वती के दर्शन | शिवलिंग प्रतिष्ठा की संपूर्ण विधि 🙏 #शिवमहापुराण #शिवमहापुराणकथा #भगवानशिव #महादेव #उपमन्यु_मुनि #शिवपार्वती #शिवभक्ति #शिवलिंग #शिवलिंगप्रतिष्ठा #शिवमूर्ति #ओंकार #शिवज्ञान #सनातनधर्म #शिवकथा #महादेवकीमहिमा #HarHarMahadev #ShivMahapuran #LordShiva #OmNamahShivaya #SanatanDharma