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वर्धमान के जन्म पर ऐसा था दिव्य उत्सव! | इंद्र-इंद्राणी का अद्भुत प्रसंग 🥰

Sadhvi Dr. Sarita Ji Maharaj

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वर्धमान के जन्म पर ऐसा था दिव्य उत्सव! | इंद्र-इंद्राणी का अद्भुत प्रसंग 🥰

62 просмотра · 9 дн. назад
Sadhvi Dr. Sarita Ji Maharaj
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भगवान महावीर के जन्म का वह दिव्य क्षण… जब चारों ओर आनंद छा गया और देव-देवियाँ नन्हे वर्धमान के जन्मोत्सव में सम्मिलित होने उमड़ पड़े। आज के इस अत्यंत भावपूर्ण प्रवचन में उत्तर भारतीय प्रवर्तिनी श्रमणी सूर्या डॉ. श्री सरिता जी म. सा. ने भगवान महावीर के जन्म प्रसंग को इस प्रकार प्रस्तुत किया कि मानो पूरा दृश्य हमारे सामने साकार हो उठे। इस प्रवचन में सुनिए— 🔸 भगवान महावीर के जन्म का दिव्य प्रसंग 🔸 वर्धमान के जन्म का समाचार पाकर देवों का आगमन 🔸 इंद्र और इंद्राणी के बीच का भावपूर्ण प्रसंग 🔸 माता त्रिशला की सेवा और उनकी देखभाल 🔸 नन्हे वर्धमान को देखने और गोद में लेने के लिए देवियों की उत्सुकता 🔸 देवियों का आपस में प्रेमपूर्ण संवाद और बाल वर्धमान के प्रति वात्सल्य 🔸 किस प्रकार इंद्र-इंद्राणी एवं देव-देवियों ने जन्मोत्सव को भव्य बनाया 🔸 भगवान महावीर के जन्म कल्याणक के पीछे का आध्यात्मिक महत्व 🔸 क्यों भगवान वर्धमान का जन्म केवल एक बालक का जन्म नहीं, बल्कि एक महान आध्यात्मिक यात्रा का शुभारंभ है? भगवान महावीर के जन्म का यह प्रसंग भक्ति, वात्सल्य, आनंद और अध्यात्म से भरपूर है। प्रवचन सुनते-सुनते ऐसा अनुभव होगा जैसे हम स्वयं उस दिव्य जन्मोत्सव के साक्षी बन गए हों। #भगवानमहावीर #महावीरस्वामी #वर्धमान #महावीरजन्म #जन्मकल्याणक #जैनधर्म #जैनदर्शन #महावीरजयंती #डॉसरिताजी #Jainism जैन परंपरा के वर्णनों में भगवान महावीर के जन्म के बाद इंद्र द्वारा जन्मकल्याणक मनाने और देव-देवियों के आगमन का प्रसंग मिलता है।