सौंप दिए मन प्राण तुम ही को l पद संख्या 454 l पद रत्नाकर l स्वर राखी तैलंग
Rakhi Tailong
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सौंप दिए मन प्राण तुम ही को l पद संख्या 454 l पद रत्नाकर l स्वर राखी तैलंग
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Rakhi Tailong
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सौंप दिए मन प्राण तुम ही को....
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पद संख्या 454
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परम पूज्य भाई जी श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार जी द्वारा रचित पद रत्नाकर पुस्तक के इस पद के द्वारा एक भक्त का भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण भाव अत्यंत ही सुंदर शब्दों में वर्णित किया गया है I