खुशहाल जीवन जीने के रहस्य 🤔? || Khushal jeevan jine ka sahi rhsy ||Motivational story
Ziddi Ramishvar
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खुशहाल जीवन जीने के रहस्य 🤔? || Khushal jeevan jine ka sahi rhsy ||Motivational story
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Ziddi Ramishvar
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खुशहाल जीवन जीने के लिए.? || Khushal jeevan jine ka sahi tarika ||Motivational story
Your Queries:
thanks for watching 👏 ❣️
maa 👏 ❣️ दमदार हुक:
“ज्ञान त आज हर आदमी के लगे बा… बाकिर सही समय पर सही फैसला लेवे वाला विवेक कतना लोग के लगे बा?
काहे कि किताब पढ़ लिहला से आदमी ज्ञानी त बन जाला, बाकिर ज्ञान के सही जगह इस्तेमाल करे के कला ही ओकर जिंदगी बदल देला!”
खुशहाल जिंदगी जिए खातिर खाली ज्ञान काफी नइखे।
ज्ञान के साथ-साथ विवेक भी जरूरी बा।
ज्ञान माने—जे कुछ रउआ स्कूल में सीखनी, किताब में पढ़नी, या अपना अनुभव से जाननी।
बाकिर विवेक माने—ओही ज्ञान के सही समय पर, सही तरीका से इस्तेमाल कइल।
मान लीं कि रउआ के पता बा कि गुस्सा खराब चीज ह।
ई ज्ञान भइल।
बाकिर जब केहू रउआ के गुस्सा दिलावेला आ रउआ चुप रहके सही फैसला ले लीं—
ई विवेक भइल।
आज के दुनिया में हमनी के चारों ओर जानकारी के भरमार बा।
मोबाइल खोलते ही हजारों बात सामने आ जाला।
हर आदमी कुछ ना कुछ बतावत बा।
एतना ज्ञान आ जानकारी जमा हो गइल बा कि कई बेर लागेला—
दिमाग जानकारी से भर गइल, बाकिर सोचल बंद हो गइल!
याद रखीं—
रउआ के जिंदगी कइसे जीए के बा, ई फैसला दुनिया ना, रउआ खुद करीं।
हर बात देखे के जरूरत नइखे।
हर बात सुने के जरूरत नइखे।
हर सलाह माने के भी जरूरत नइखे।
जेतना देख सकत बानी, ओतने देखीं।
जेतना महसूस कर सकत बानी, ओतने महसूस करीं।
बाकिर सबसे जरूरी बात—
अपना दिमाग से सोचल मत छोड़ीं।
ज्ञान रउआ के रास्ता देखावेला,
बाकिर विवेक बतावेला कि कवन रास्ता पर चलल सही बा।
आ जिंदगी में आनंद भी बहुत जरूरी बा।
जब आदमी अपना काम के बोझ समझके ना, बल्कि आनंद से करे लागेला, तब ओकर भीतर शांति पैदा होखे लागेला।
कई बेर जवन चीज हमनी के समस्या लागेला,
ओही में नया अवसर लुकाइल रहेला।
बस नजरिया बदलल जरूरी बा।
एहसे जिंदगी में खाली ई मत सोचीं कि—
“हम का-कइसे कर रहल बानी?”
बल्कि कबो-कबो रुक के ई भी सोचीं—
“हम जिंदगी जी भी रहल बानी कि बस जिंदगी काट रहल बानी?”
काम करीं, बाकिर काम में खो मत जाईं।
ज्ञान हासिल करीं, बाकिर विवेक के साथ।
दुनिया के सुनीं, बाकिर अंतिम फैसला अपना समझ से लीं।
काहे कि—
“ज्ञान बतावेला कि का सही बा,
विवेक सिखावेला कि सही चीज के सही समय पर कइसे इस्तेमाल करे के बा।”
एह दुनो के संतुलन बना के रखीं।
तभी जिंदगी में सच्चा सुख, शांति आ संतोष आ सकेला।
जिंदगी खाली बितावे खातिर नइखे मिलल…
जिंदगी के महसूस करे, समझे आ सही मायने में जीए खातिर मिलल बा।