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सेंगाल धोरा व खेजड़ी धाम नोखा बीकानेर का इतिहास🔥|सदियों पुराना धुना|भारतवर्ष में आस्था का केंद्र😱

Omprakash bhamu

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सेंगाल धोरा व खेजड़ी धाम नोखा बीकानेर का इतिहास🔥|सदियों पुराना धुना|भारतवर्ष में आस्था का केंद्र😱

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Omprakash bhamu
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सेंगाल धोरा और खेजड़ी धाम (नोखा, बीकानेर) दोनों ही धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल हैं। सेंगाल धोरा गुरु गोरखनाथ की तपस्थली और शिवालय के लिए प्रसिद्ध है, जबकि खेजड़ी धाम बाबा जीवनरेखा कहा जाता है। - धार्मिक महत्व: - बाबा रामदेव जी की पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन। - भादवा माह में विशेष आयोजन और मेला। - पर्यावरणीय महत्व: - खेजड़ी वृक्ष की पूजा और संरक्षण का संदेश। - संत समाज यहाँ वृक्ष बचाने और पर्यावरण जागरूकता फैलाने का कार्य करता है। - लोकमान्यता: खेजड़ी वृक्ष को देवत्व का प्रतीक माना जाता है और इसे तपस्या का आधार समझ #Sengaldhora#Roopnathjitemple#Nokhabikaner