रील्स की लत कैसे छोड़ें? || आचार्य प्रशांत (2026)
ललकार
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रील्स की लत कैसे छोड़ें? || आचार्य प्रशांत (2026)
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वीडियो जानकारी: 11.08.2026, Interview with the Principal of DU, KCC
Title: रील्स की लत कैसे छोड़ें? || आचार्य प्रशांत (2026)
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विवरण:
इस वीडियो में आचार्य जी बताते हैं कि Reels और लगातार scrolling की आदत से छुटकारा सिर्फ app delete करने से नहीं मिलेगा। असली सवाल यह है कि हमें Reels में ऐसा क्या दिखाई देता है, जिसकी वजह से हम बार-बार उसकी ओर जाते हैं?
आचार्य जी समझाते हैं कि अहंकार वहीं जाता है जहाँ उसे अपने लिए कोई लाभ दिखाई देता है। अगर हमें Reels में positive value दिखती रहेगी, तो app हटाने के बाद भी हम किसी दूसरी जगह वही value खोजने लगेंगे।
इसलिए जरूरी है कि हम अपने आप से एक खरा सवाल पूछें: जो content मैं देख रहा हूँ, क्या उसमें सचमुच कोई positive value है?
अहंकार स्वार्थी होता है, जहाँ अपने लिए लाभ देखता है, वहीं जाता है।
Reel देख रहे हो, बात reels की कम है, तुम्हारी ज़्यादा है।
तुम app delete कर सकते हो, लेकिन app देखने वाला भीतर बैठा हुआ है।
App delete हो गई, तुम तो delete नहीं हुए ना।
तुम app में नहीं फँसोगे तो कहीं और जाकर फँसोगे।
क्या वही internet का महासमुद्र सिर्फ कचरा है, या उसमें कुछ मोती भी हैं?
अपने आप से खरा सवाल पूछो: जो मैंने अभी देखा, क्या उसमें सचमुच कोई positive value थी?
घटिया reels से तुम्हें खुद ही घिन आने लगे, तब app delete करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
एक साधे, सब सधे। भीतर बैठे हुए को ठीक कर दिया तो बाहर सब ठीक हो जाता है।
बेकार की reel ही नहीं, बेकार की संगति, आदतें, फैसले और पसंद-नापसंद भी हटने लगती हैं।
🎧 सुनिए #आचार्यप्रशांत को Spotify पर:
https://open.spotify.com/show/3f0KFwe...
संगीत: मिलिंद दाते
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