तभी उसके चेहरे पर लहू की धारें एक साथ फूट पड़ीं।वह 'या अल्लाह' बुदबुदाया,फिर उसके पैर लड़खड़ा गए..।
Kahaani Jagat
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तभी उसके चेहरे पर लहू की धारें एक साथ फूट पड़ीं।वह 'या अल्लाह' बुदबुदाया,फिर उसके पैर लड़खड़ा गए..।
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कहानियाँ न केवल हमारे हृदय को सुकून देती हैं बल्कि साहित्यिक जगत का परिचय भी प्रदान करती हैं। बचपन से ही दादी-नानी से कहानियों को सुनते हुए हम अनेक गुणों से युक्त होते चले जाते हैं। आज भागदौड़ से भरी जिंदगी में जबकि हमारे पास बैठकर पुस्तकों से कहानियाँ पढ़ने का समय नहीं है, कहानी जगत के माध्यम से नित नई कहानियों का सुनना निश्चित ही आप को सुकून प्रदान करेगा । कहानियों के साथ अनवरत श्रृंखला में हम आपके लिए प्रस्तुत करेंगे श्रेष्ठ रचनाकारों की विविधता पूर्ण रचनाएँ ।आशा है आप इनसे अवश्य ही लाभान्वित होंगे । इन्हें अपने स्वरों से सजाया है सुनीता भटनागर ने।
इन कहानियों के साथ-साथ सब की मांग पर हमने धार्मिक व्रत कथाएं भी प्रारंभ की हैं। आशा है यह आपकी अपेक्षाओं पर खरी उतरेंगी।
कहानी"अमृतसर आ गया है"- भीष्म साहनी,स्वर- सुनीता भटनागर
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