HIMALAYAN HIGHWAYS| KHETA-MANMATI PART-TWO| UTTARAKHAND| CHAMOLI| DEWAL| THARALI| VILLAGE LIFESTYLE
Himalayan Highways
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हिमालयन हाइवेज / HIMALAYAN HIGHWAYS
नमस्कार हिमालयन हाइवेज के एक और एपिसोड में आपका स्वागत है. आज हम आपके लिए लाये है उत्तराखंड के सीमांत जनपद चमोली के दूरस्थ गाँव खेता मानमती से जुडी हमारी विशेष रिपोर्ट का दूसरा हिस्सा. थराली तहसील के देवाल विकासखंड के गाँव खेता में पहाड़ों की लोकसंस्कृति और कठिन जीवन शैली का तालमेल देखने को मिलता है। उत्तराखण्ड के गढ़वाल और कुमांऊ की सीमा से लगे इस क्षेत्र में कुंमाऊं की लोकसंस्कृति का प्रभाव आम बोलचाल से लेकर रीति रिवाजों में भी नजर आता है। कुंमाऊं के बागेश्वर जनपद से लगी सीमा के चलते यहां दोनों क्षेत्रों में रिश्तेदारियां भी है। खेता मानमती गांव में धार्मिक आस्था की जड़े अन्य गांवों की तरह काफी पौराणिक है और यहां धार्मिक आयोजन साल भर आयोजित किये जाते है। गांव में देवी देवताओं के मन्दिर ओर उनके महत्त्व को स्थानीय लोग विस्तार से बयां करते है।खेता मानमती गांव में कृषि और पशुपालन शुरू से ही जीवनशैली का अहम हिस्सा रहा है। खेता गांव में आबादी की बसावट के बाद मानमती गांव में आबादी की बसावट शुरू हुई। स्थनीय लोगों के मुताबिक कृषि योग्य भूमि और पशुओं के चारे की उपलब्धता के चलते लोग यहाँ बसने शुरू हुए और आज यहां पूरा गांव बस गया। पहले के मुकाबले अब यहां बुनियादी सुविधाएं पहुंची है लेकिन अभी भी संचार सेवा का विस्तार न होना बड़ी समस्या है..सड़क मार्ग बनने के बाद जहां एक तरफ इस क्षेत्र में आवाजाही आसान हुई है वहीं दैनिक रोजमर्रा की वस्तुएं भी गांव में उपलब्ध होने लगी है। पलायन की समस्या यहां भी नजर आती है लेकिन धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में ग्रामीणों की एकजुटता नजर आती है...किसी दौर में खेता मानमती पहुंचना सबसे मुश्किल कार्य होता था लेकिन अब ये सुदूर क्षेत्र दूर नही रह गए है। सड़क मार्ग बनने के बाद तेजी से सामाजिक और आर्थिक बदलाव यहां नजर आने लगे है।
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