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गीता अध्याय 4 श्लोक 39 | श्रद्धा, संयम और ज्ञान से मिलती है परम शांति | श्रीकृष्ण की वाणी | Gita 700

Amar Prerna

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गीता अध्याय 4 श्लोक 39 | श्रद्धा, संयम और ज्ञान से मिलती है परम शांति | श्रीकृष्ण की वाणी | Gita 700

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श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 4, श्लोक 39 भगवान श्रीकृष्ण इस श्लोक में बताते हैं कि श्रद्धावान, तत्पर और इंद्रियों को संयमित रखने वाला साधक ज्ञान प्राप्त करता है। ज्ञान प्राप्त होने पर वह शीघ्र ही परम शांति का अनुभव करता है। मूल श्लोक: श्रद्धावाँल्लभते ज्ञानं तत्परः संयतेन्द्रियः। ज्ञानं लब्ध्वा परां शान्तिमचिरेणाधिगच्छति॥ 4.39॥ सरल अर्थ: श्रद्धा रखने वाला, ज्ञान प्राप्ति में तत्पर और इंद्रियों को वश में रखने वाला मनुष्य ज्ञान प्राप्त करता है। ज्ञान प्राप्त करके वह शीघ्र ही परम शांति को प्राप्त होता है। क्या जीवन में सच्ची शांति केवल बाहरी सुविधाओं से मिल सकती है? इस श्लोक से समझिए कि श्रद्धा, निरंतर अभ्यास और इंद्रिय-संयम किस प्रकार ज्ञान तथा आंतरिक शांति का मार्ग प्रशस्त करते हैं। 🙏 गीता 700 — जीवन परिवर्तन अभियान के अंतर्गत श्रीमद्भगवद्गीता के दिव्य ज्ञान को समझें और अपने जीवन में उतारें। ▶️ YouTube चैनल: Amar Prerna 📘 Facebook पेज: Amar Nath Amar Prerna वीडियो को Like, Share और Subscribe करें। Comment में लिखें—“श्रद्धा, संयम और ज्ञान से ही सच्ची शांति मिलती है।” #BhagavadGita #GitaChapter4 #GitaShlok39 #Shraddha #GyanYoga #IndriyaSanyam #ParamShanti #KrishnaVani #BhagavadGitaHindi #Gita700 #जीवनपरिवर्तनअभियान #श्रद्धा #आत्मसंयम #श्रीमद्भगवद्गीता #AmarPrerna