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“सरस्वती मंत्र का अर्थ”

Akshay Jogi Haral

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“सरस्वती मंत्र का अर्थ”

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Akshay Jogi Haral
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🙏 जय जिनेन्द्र 🙏 चातुर्मास वर्षयोग २०२६ के पावन अवसर पर श्री १००८ शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, हराल में आयोजित मंगल प्रवचन में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनिश्री १०८ निराकुल सागरजी महाराज द्वारा अत्यंत महत्वपूर्ण एवं ज्ञानवर्धक विषय पर मंगल प्रवचन प्रस्तुत किया गया। 🌸 विषय – सरस्वती मंत्र का अर्थ 🌸 इस मंगल प्रवचन में बताया गया है कि अरिहंत भगवान के मुख में विराजमान माँ सरस्वती केवल विद्या की देवी के रूप में नहीं, बल्कि श्रुत ज्ञान के स्वरूप के रूप में पूजनीय हैं। यदि हम श्रद्धा और भक्ति से माँ सरस्वती की आराधना करते हैं, तो हमारे जीवन में ज्ञान का प्रकाश बढ़ सकता है। ज्ञान की आराधना हमारे अज्ञान को दूर करने तथा आत्मकल्याण के मार्ग को समझने में सहायक बनती है। माँ सरस्वती की पूजा का वास्तविक अर्थ है— साक्षात ज्ञान की पूजा। ज्ञान ही वह प्रकाश है, जो जीव को सत्य का मार्ग दिखाता है और आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ाता है। 🌺 परम आशीर्वाद: आचार्य भगवान १०८ श्री समयसागर जी महाराज 🌺 प्रवचन एवं मंगल वाणी: आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनिश्री १०८ निराकुल सागरजी महाराज 📍 स्थान: श्री १००८ शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, हराल 🌿 अवसर: चातुर्मास वर्षयोग २०२६ 🙏 कार्यक्रम: मंगल प्रवचन यदि प्रवचन आपको ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक लगे तो वीडियो को Like 👍, Share ↗️ और Subscribe 🔔 अवश्य करें। 🙏 जय जिनेन्द्र | वंदे जिनशासनम् 🙏 🔖 Hashtags #सरस्वतीमंत्र #सरस्वतीमंत्रकाअर्थ #मुनिश्रीनिराकुलसागरजी #निराकुलसागरजीमहाराज #जैनप्रवचन #जैनधर्म #मंगलप्रवचन #चातुर्मास2026 #चातुर्मासवर्षयोग2026 #श्रुतज्ञान #ज्ञानकीपूजा #जैनमंदिर #हराल #विद्यासागरजीमहाराज #समयसागरजीमहाराज