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कर्मो की पहिचान

Akshay Jogi Haral

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कर्मो की पहिचान

145 просмотров · 8 дней назад
Akshay Jogi Haral
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🙏 जय जिनेंद्र 🙏 चातुर्मास वर्षयोग २०२६ के पावन अवसर पर श्री १००८ शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, हराल में आयोजित मंगल प्रवचन में परम पूज्य मुनिश्री १०८ निराकुल सागरजी महाराज द्वारा अत्यंत महत्वपूर्ण आध्यात्मिक विषय “कर्मों की पहचान” पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया। 🌺 विषय — कर्मों की पहचान 🌺 जैन दर्शन में कर्मों का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। इस मंगल प्रवचन में चार घाती कर्म और चार अघाती कर्म के स्वरूप को सरल एवं सहज रूप में समझाया गया है। 🔸 चार घाती कर्म • ज्ञानावरणीय कर्म • दर्शनावरणीय कर्म • मोहनीय कर्म • अंतराय कर्म 🔸 चार अघाती कर्म • वेदनीय कर्म • आयु कर्म • नाम कर्म • गोत्र कर्म घाती कर्म आत्मा के ज्ञान, दर्शन, सम्यक्त्व एवं शक्ति को प्रभावित करते हैं, जबकि अघाती कर्म आत्मा के संसार में शरीर, आयु आदि से संबंधित परिणामों का कारण बनते हैं। इस प्रवचन के माध्यम से यह समझने का प्रयास किया गया है कि कर्मों को पहचानना ही आत्मचिंतन की शुरुआत है और कर्मबंधन से मुक्त होने के लिए हमें अपने भावों, आचरण और आत्मस्वरूप की ओर जागरूक होना आवश्यक है। 🙏 आइए, इस मंगल प्रवचन को सुनें और समझें कि कर्मों का बंधन कैसे होता है तथा उनसे मुक्ति के लिए हमें क्या प्रयास करना चाहिए। 🪷 कार्यक्रम विवरण अवसर: चातुर्मास वर्षयोग २०२६ स्थान: श्री १००८ शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, हराल प्रवचन: आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनिश्री १०८ निराकुल सागरजी महाराज परम आशीर्वाद: आचार्य भगवान १०८ श्री समयसागर जी महाराज 🌸 कर्मों को जानें • आत्मा को पहचानें • मोक्षमार्ग की ओर बढ़ें 🌸 वीडियो पसंद आए तो Like 👍 | Share ↗️ | Subscribe 🔔 अवश्य करें और इस ज्ञानवर्धक प्रवचन को अधिक से अधिक जिनप्रेमियों तक पहुँचाएँ। 🔖 Hashtags #कर्मोंकीपहचान #घातीकर्म #अघातीकर्म #कर्मसिद्धांत #जैनदर्शन #जैनधर्म #जैनप्रवचन #निराकुलसागरजीमहाराज #मुनिश्री108निराकुलसागर #चातुर्मासवर्षयोग2026 #दिगंबरजैन #जिनवाणी #आत्मज्ञान #मोक्षमार्ग #JainDharma #JainPhilosophy