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गीत सुमनांजली अहिल्यादेवी होळकर विशेष एकल गीत हे अहिल्या ध्येय साधक शिव आराधक सृजन धाम

netra phadke

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गीत सुमनांजली अहिल्यादेवी होळकर विशेष एकल गीत हे अहिल्या ध्येय साधक शिव आराधक सृजन धाम

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netra phadke
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90 दिनी नऊ जणी 90 गाणी ऐकू साऱ्याजणी हे अहिल्या ! ध्येय साधक, शिव आराधक सृजन धाम, लोकमाता परम श्रेष्ठा, कोटी कोटी तुम्हे प्रणाम || तुम्हें ss कोटि प्रणाम || धृ.|| चिरऋणी हैं भरतभूमि, कर्म की गाथा सुनाती, बद्री हे रामेश्वरम् तक,आपकी पदचाप आती | आज हर स्वर गा रहा है,कीर्ति -गौरव गान ||१|| धन्य बेटी,धन्य पत्नी,धन्य माता,शासिका, धन्य रानी प्रजा वत्सल,धन्य अप्रतिम न्यायिका | प्रजाजन के मन समझकर,किए पूरण काम ||२|| राष्ट्र का चैतन्य सोया, अस्मिता मन में भरी थी, ज्ञान और निज संस्कृति की,धूप घर घर में खिली थी, तीर्थ सारे बन गये थे, प्रेरणा ss के धाम ||३|| आज का ये युग पुकारे,आ खडी हो अंगन द्वारे, विषमता का विष हृदय धर, राष्ट्र जीवन को संवारे | पूर्ण समरसता भरा हो,ईश का शुभ धाम. || ४||