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गीत सुमनांजली अहिल्यादेवी होळकर विशेष ..हे ममता की मूर्ती तुम्ही शतबार नमन

netra phadke

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गीत सुमनांजली अहिल्यादेवी होळकर विशेष ..हे ममता की मूर्ती तुम्ही शतबार नमन

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netra phadke
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90 दिनी नऊ जणी 90 गाणी ऐकू साऱ्याजणी हे ममता की मूर्ती तुम्हे शतबार नमन हे ममता की मूर्ती तुम्हे शतबार नमन...|| भारत के नारी रत्नों में एक रतन तुमही हो.. उज्वलचरित का मापदंड हो स्वप्नपूर्ती तुम ही हो शौर्य वीरता करूणा का एक रसायन तुमही हो.. तांडव की ध्वनी पर लहराता सामवेद गायन तुम हो. श्रद्धा के ये सुमन चढाते भारतीय सब जन के मन भारतीय सब जन के मन हे ममता की मुर्ती तुम्हे शतबार नमन. जब घोर घनेरे अंधकार मे भारत के जन सोते थे... भयभीत त्रस्त और कातर हो कर मनही मन मे रोते थे विभ्रमित हुआ था सत्यधर्म जब ज्ञान कर्म लय होते थे.. तब तुमने फूंका शंख नाद और न्यायमर्म बतलाते थे तेरी वाणीसे उमड उठे करुणा ममता के यह घन. तुम्हे शतबार नमन. हे ममता की मूर्ति तुम्हे शतबार नमन हे ममता की मूर्ति तुम्हे शतबार नमन.. तू राजनीतिकी ज्ञाता थी. भारत भाग्य विधाता थी तू महाराष्ट्र की बेटी थी पर सकल राष्ट्र की माता थी चंडी सरस्वती और वैष्णवी शक्ती एक संग आई थी त्रिविध मूर्ती ममता की ऐसी वीर अहिल्याबाई थी तू ग्यान कर्म या राजनीति का अनुपम और मधूर मिलन तुम्हें शतबार नमन हे ममता की मूर्ति तुम्हे शतबार नमन हे ममता की मूर्ति तुम्हे शतबार नमन शतबार नमन शतबार नमन||