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गृहस्थ साधकों हेतु नवरात्र देवी तंत्र साधना। #navratri2025 #नवरात्र2025

गृहस्थ तंत्र

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गृहस्थ साधकों हेतु नवरात्र देवी तंत्र साधना। #navratri2025 #नवरात्र2025

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गृहस्थ तंत्र
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शारदीय नवरात्र में भगवती का आगमन गज पर हो रहा है। जब जगदंबा गज पर आती हैं तब धन धान्य समृद्धि व सुख से अपने भक्त सहित संसार को भर देती हैं। आगामी शारदीय नवरात्र में दस दिन पर्यंत दिव्य तंत्रात्मक अनुष्ठान का आयोजन गृहस्थ तंत्र परिवार द्वारा करवाया जा रहा‌ है। यह ध्यान में रखते हुए की सभी वृहद अनुष्ठान ना घर पर कर पातें हैं ना करवा पातें हैं। इस शारदीय नवरात्र में अति विशिष्ट चौंसठ योगिनी तंत्रात्मक याग सहित शतचंडी महा अनुष्ठान होना निर्धारित हुआ है। यह दोनों अनुष्ठान तंत्र पीठ व संसार का सबसे विशेष महाशक्ति पीठ विंध्याचल पर होगा। विंध्य क्षेत्र की महीमा ही अनंत हैं जहां पग पग पर जगदंबा चंडी पाठ का फल देती हैं वहां पर करवाया गया यह शतचंडी लक्षचंडी के समान फल देने वाला हो जाता है। सभी के लिए कलश स्थापना, अखंड ज्योत , चौंसठ योगिनी नित्य अर्चन, रुद्र एकादश विनायक सहित भैरव मंडल अर्चन,नवचंडी पाठ व श्री देवी भागवत पाठ अवश्य रहेगा। तदुपरांत विंध्य पीठ पर नित्य नवचंडी सहित कुल शतचंडी अनुष्ठान। विंध्य मंडल तंत्रात्मक याग । बटुक भैरव सहित 64 योगिनी मंडल याग। जिसमें प्रत्येक योगिनी मातृका का उनसे संबंधित विशेष पूजन होगा। प्रत्येक महादुर्गा के साथ अष्ट योगिनी मातृका पूजन। तीन तीन दिन अनुसार क्रमगत महाकाली महालक्ष्मी महासरस्वती योगिनी मंडल का विस्तृत पुजन आदि संपन्न होगा। 1. नवरात्र कलश व योगिनी मातृका पूजन शारदीय नवरात्र में चंडी कलश स्थापना सहित नौ दिन पर्यंत कलश अर्चनं‌ , कलश देवता पूजनं व 64 योगिनी विशेष पुजन। अनुष्ठान उपरांत शरद पूर्णिमा पश्चात प्रसाद आपको जायेगा। 2. नवरात्र कलश नवचंडी पाठ शारदीय नवरात्र में चंडी कलश स्थापना सहित नौ दिन पर्यंत कलश अर्चनं‌ , कलश देवता पूजनं व 64 योगिनी विशेष पुजन। व नित्य चंडी संपुट पाठ‌। नौ चंडी संपुट पाठ। अनुष्ठान उपरांत शरद पूर्णिमा पश्चात प्रसाद आपको जायेगा। 3. अखंड ज्योत कलश व चंडी पाठ शारदीय नवरात्र में चंडी कलश स्थापना, अखंड ज्योत व नौ चंडी संपुट पाठ। 64 योगिनी याग। अनुष्ठान उपरांत शरद पूर्णिमा पश्चात प्रसाद, 64 योगिनी ताम्र कवच व देवी जप हेतु रक्त चंदन अभिमंत्रित माला आपको भेजा जायेगा। 4. शतचंडी विशेष शारदीय नवरात्र में चंडी कलश स्थापना, अखंड ज्योत सहित नौ दिन में शतचंडी पाठ सहित 64 योगिनी याग विशेष। अनुष्ठान उपरांत शरद पूर्णिमा पश्चात प्रसाद, 64 योगिनी रजत कवच व देवी जप हेतु विशेष स्फटिक की अभिमंत्रित तंत्रोक्त माला आपको भेजा जायेगा। 5. चौंसठ योगिनी विशेष शारदीय नवरात्र में भगवती के चौंसठ योगिनी स्वरुपों का विशेष तंत्रात्मक याग सहित शतचंडी पाठ। कलश स्थापना, अखंड ज्योत सहित। अनुष्ठान उपरांत शरद पूर्णिमा पश्चात प्रसाद, 64 योगिनी रजत कवच, कामाख्या कामेश्वर तंत्रोक्त रुद्राक्ष माला विशेष आपको भेजा जायेगा। उपरोक्त अनुष्ठान हेतु विवरण आप https://www.grihasthpujansamagri.com पर पधारकर प्रदान कर सकते हैं।