खुद को डीजीपी का पीआरओ बताकर करोड़ों की ठगी करने वाला 12वीं पास ठग गिरफ्तार
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खुद को डीजीपी का पीआरओ बताकर करोड़ों की ठगी करने वाला 12वीं पास ठग गिरफ्तार
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आगरा: 'c'; पुलिस विभाग में नौकरी के नाम पर करता था फर्जीवाड़ा
आगरा।
ताजनगरी आगरा में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक बेहद शातिर और चतुर ठग को दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की है। खुद को उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) के पीआरओ का करीबी दोस्त बताकर यूपी और राजस्थान के बेरोजगार युवाओं से करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले 12वीं पास आरोपी वीरू शर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी के पास से विभिन्न विभागों के फर्जी नियुक्ति पत्र और कई डिजिटल दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस अब उसके फरार साथियों की तलाश में जुटी हुई है।
शिक्षिका के बेटे को बनाया था शिकार:
मामले का खुलासा करते हुए सदर के मुस्तफा क्वार्टर निवासी अरविंद सक्सेना ने साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी पत्नी सरकारी शिक्षिका सुनीता की बीएलओ ड्यूटी के दौरान रोहता क्षेत्र में वीरू शर्मा से मुलाकात हुई थी। वीरू ने खुद को बड़ा समाजसेवी और लखनऊ के उच्चाधिकारियों से गहरे संबंध वाला व्यक्ति बताया था। आरोपी ने खुद को डीजीपी यूपी के पीआरओ का करीबी दोस्त बताते हुए उनके बेटे की पुलिस विभाग में लिपिक (क्लर्क) पद की परीक्षा में सेटिंग कराकर नौकरी लगवाने का झांसा दिया। इस नाम पर उसने कुल 13.25 लाख रुपए ऐंठ लिए।
फर्जी पीडीएफ भेजकर देता था झांसा:
भरोसा जीतने के लिए आरोपी ने व्हाट्सएप पर परीक्षा परिणाम की एक फर्जी पीडीएफ फाइल भी भेज दी थी। इतना ही नहीं, उसने अपने एक अन्य साथी राज शर्मा से भी डीजीपी का पीआरओ बताकर फोन पर बात कराई थी। जब मामला साइबर क्राइम थाने पहुंचा और पुलिस ने गहराई से पूछताछ की, तो आरोपी के कारनामे जानकर पुलिस के भी होश उड़ गए। मात्र 12वीं पास वीरू अपने महंगे रहन-सहन, वीआईपी कार और रौबदार अंदाज से लोगों को आसानी से अपने जाल में फंसा लेता था।
सवा करोड़ से अधिक की ठगी का खुलासा:
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पूछताछ में आरोपी ने उत्तर प्रदेश और राजस्थान के करीब आठ बेरोजगार युवाओं से सवा करोड़ रुपए से अधिक की ठगी करने की बात कबूल की है। आरोपी पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, उत्तर प्रदेश सचिवालय, मेट्रो और धौलपुर में बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय जैसे विभिन्न विभागों में नौकरी लगवाने के नाम पर बड़े पैमाने पर ठगी कर रहा था। पुलिस उसके अन्य सहयोगियों की तलाश कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गैंग से जुड़े अन्य पीड़ित यदि सामने आते हैं, तो उनकी शिकायतों पर भी विधिक कार्रवाई की जाएगी।
आगरा: डीजीपी का फर्जी पीआरओ बनकर करोड़ों की ठगी करने वाला 12वीं पास ठग गिरफ्तार!
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