राजस्थान का इतिहास एवं संस्कृति PART 15 SPECIAL COMPETITIVE EXAM BY SHIVJI SIR MANAN CLASSES NAGAUR
Manan Classes Nagaur
0:00 / 0:00
राजस्थान का इतिहास एवं संस्कृति PART 15 SPECIAL COMPETITIVE EXAM BY SHIVJI SIR MANAN CLASSES NAGAUR
56 просмотров · 4 дня назад
Manan Classes Nagaur
2,24 тыс. подписчиков
56 просмотров · 4 дня назад
MANAN CLASSES NAGAUR
CONTACT - 9672705054
कक्षा 10 की माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान की पुस्तक "राजस्थान का इतिहास एवं संस्कृति" के अंतिम अध्याय (पाठ-11) में राजस्थान के गौरवशाली इतिहास, साहित्य, कला, शिक्षा और स्वतंत्रता संघर्ष से जुड़े प्रमुख व्यक्तित्व का वर्णन किया गया है।
प्रमुख व्यक्तित्व एवं उनका परिचय
• राव गोपाल सिंह खरवा: खरवा (अजमेर) के ठिकानेदार, जिन्होंने सशस्त्र क्रांति के माध्यम से ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंकने का प्रयास किया और राजपुताना में क्रांतिकारी गतिविधियों का नेतृत्व किया।
• बावजी चतुरसिंह: मेवाड़ के एक संत कवि, जिन्होंने अपनी सरल व प्रभावशाली वाणी तथा आध्यात्मिक व लोक-कल्याणकारी साहित्य के माध्यम से समाज में फैली कुरीतियों पर प्रहार किया।
• स्वामी केशवानंद: बीकानेर और शेखावाटी क्षेत्र में शिक्षा के प्रसार और अकाल राहत कार्यों में अभूतपूर्व योगदान देने वाले समाज सुधारक।
• पंडित झाबरमल शर्मा: खेतड़ी (झुंझुनू) से जुड़े प्रसिद्ध पत्रकार, साहित्यकार एवं इतिहासकार, जिन्होंने राजस्थान में पत्रकारिता को नई दिशा दी।
• कृपाल सिंह शेखावत: सीकर जिले के महुवा गांव के निवासी, जिन्हें भारत की पारंपरिक ब्लू पॉटरी कला को पुनर्जीवित करने और उसे अंतराष्ट्रीय पहचान दिलाने का श्रेय प्राप्त है। इन्हें पद्मश्री से भी नवाजा गया था।
• कवि राजा श्यामल दास: मेवाड़ महाराणा शंभू सिंह व विक्रमादित्य के आदेश पर ऐतिहासिक ग्रंथ 'वीर विनोद' की रचना करने वाले महान इतिहासकार। इन्हें 'कवि राजा' और 'कैसर-ए-हिंद' की उपाधि मिली थी।
• गौरीशंकर हीराचंद ओझा: सिरोही के रोहिड़ा गांव में जन्मे प्रसिद्ध इतिहासकार और पुरातत्वविद्, जिन्होंने प्राचीन भारतीय लिपियों और राजस्थान के विभिन्न राजवंशों के इतिहास पर प्रामाणिक ग्रंथ लिखे।
• दयालदास: बीकानेर के कुड़िया गांव में जन्मे इतिहासकार, जिन्होंने 'दयालदासरी ख्यात' के माध्यम से बीकानेर के राठौड़ वंश का विस्तृत इतिहास लिखा।
• विजयदान देथा: राजस्थानी लोककथाओं को आधुनिक साहित्यिक रूप देने वाले विश्व प्रसिद्ध कथाकार व लेखक।
• कोमल कोठारी: राजस्थानी लोक संगीत, लोक कलाओं और लोक संस्कृति के संरक्षण एवं अनुसंधान के लिए समर्पित संस्था 'रूपायन संस्थान' (बरूंदा) के सह-संस्थापक।
राजस्थान का इतिहास एवं संस्कृति के लिए कई बेहतरीन और प्रामाणिक पुस्तकें उपलब्ध हैं, जो प्रतियोगी परीक्षाओं (RAS, RPSC, REET, CET आदि) और सामान्य अध्ययन के लिए उपयोगी हैं। पाठ्यक्रम और जरूरत के अनुसार आप इनमें से चुन सकते हैं:
प्रमुख और लोकप्रिय पुस्तकें
• आरबीएसई (RBSE) कक्षा 10 - राजस्थान का इतिहास एवं संस्कृति: स्कूली पाठ्यक्रम के साथ बेसिक तैयारी के लिए यह सबसे अच्छी शुरुआती और प्रामाणिक किताब है।
• लक्ष्य राजस्थान (Lakshya Rajasthan): राजस्थान की सामान्य ज्ञान, इतिहास और संस्कृति के लिए एक लोकप्रिय और विस्तृत गाइड बुक।
• हुकमचंद जैन और डॉ. नारायण लाल माली: राजस्थान का इतिहास, संस्कृति एवं प्रशासनिक व्यवस्था को गहराई से समझने के लिए।
• पैनोरमा पब्लिकेशन (Panorama Rajasthan): प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए इतिहास, कला और संस्कृति का विस्तृत संकलन।
• आर.डी. राठौर (राजवाड़ा पब्लिकेशन): राजस्थान कला, संस्कृति, साहित्य एवं विरासत के लिए विशेष उपयोगी पुस्तक।