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माला बोले शिव शिव शिव | द्वितीय नवरात्र माँ ब्रह्मचारिणी भजन | Navratri Day 2

मंत्रोच्चारण и Mantrochcharan

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माला बोले शिव शिव शिव | द्वितीय नवरात्र माँ ब्रह्मचारिणी भजन | Navratri Day 2

4 просмотра · 12 дн. назад
मंत्रोच्चारण и Mantrochcharan
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'मंत्रोच्चारण' भक्ति एवं साधना केंद्र में आपका हार्दिक स्वागत है। पावन नवरात्रि के द्वितीय दिवस पर प्रस्तुत है माँ ब्रह्मचारिणी जी की संपूर्ण पौराणिक कथा, स्वरूप एवं अनन्य भक्ति से परिपूर्ण भजन — "माला बोले—शिव, शिव, शिव, श्वासें बोलें—शिव, शिव, शिव"। माँ ब्रह्मचारिणी नवदुर्गा में द्वितीय दुर्गा हैं। हिमवान के राज-द्वारों को छोड़, महर्षि नारद के उपदेश पर देवी ने भगवान शिव को पाने के लिए कठोर तप की राह चुनी। फल-पुष्पों और सूखे बेलपत्रों के त्याग से 'अपर्णा' कहलाईं और ब्रह्मा जी के शुभ वरदान से शिव-संग अचल योग प्राप्त किया। यह भजन मन की चंचलता को हरकर हृदय में धीरज और तप का बल भरता है। --- 📜 भजन के संपूर्ण बोल (Exact Lyrics): [मंगलाचरण - संस्कृत मंत्र] दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥ [मुखड़ा 1] हिमवान के राज-द्वारों से, एक सुबह निस्तब्ध चलीं। नारद-वाणी हृदय में धारे, साधना-पथ पर स्वयं बढ़ीं॥ न रथ माँगा, न माँगी छाया, न पथ से कोई प्रश्न किया। अपने ही संकल्प को ओढ़ा, मौन को अपना मंत्र किया॥ [मुख्य कोरस] धीरे-धीरे पग अनवरत, माला बोले—शिव, शिव, शिव। अधर रहें चाहे मौन सदा, श्वासें बोलें—शिव, शिव, शिव॥ [मुखड़ा 2] फल-पुष्पों का साथ बिसारा, पर्ण बने फिर एक सहारा। पर्ण त्याग, शिव-ध्यान सँवारा, जग ने “अपर्णा” कह के पुकारा॥ [रिफ्रेन] माला बोले—शिव, शिव, शिव, श्वासें बोलें—शिव, शिव, शिव॥ [मुखड़ा 3] दिशा-दिशा तप-तेज समाया, ब्रह्मा ने शुभ वचन सुनाया। “सफल हुआ संकल्प तुम्हारा, शिव-संग होगा जीवन सारा॥” [दिव्य स्वरूप] दाएँ कर में जप की माला, बाएँ हाथ कमंडल शोभे। श्वेत वसन, मुख-तेज निराला, तप की आभा तन-मन मोहे॥ [विनम्र प्रार्थना] मन की चंचलता हर लो माँ, हृदय में धीरज भर दो माँ। डगमग पग को थाम लो माँ, हममें तप का बल भर दो माँ॥ [अंतिम कोरस & समापन] धीरे-धीरे पग अनवरत, माला बोले—शिव, शिव, शिव। अधर रहें चाहे मौन सदा, श्वासें बोलें—शिव, शिव, शिव॥ ब्रह्मचारिणी… ब्रह्मचारिणी… श्वासें बोलें—शिव, शिव, शिव॥ माला थमे, न नाम थमे, श्वास-श्वास में शिव ही शिव… ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः॥ --- 💡 आध्यात्मिक संदेश एवं पूजन लाभ: द्वितीय नवरात्र पर इस भजन का नित्य श्रवण करने से मानसिक चंचलता समाप्त होती है, धैर्य और संयम की शक्ति मिलती है। मंत्रोच्चारण परिवार से जुड़ने के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें, लाइक करें और शेयर करें। जय माता दी! जय माँ ब्रह्मचारिणी! ``` --- ``` #मंत्रोच्चारण #माँब्रह्मचारिणी #मालाबोलेशिवशिवशिव #नवरात्रि2026 #ब्रह्मचारिणीभजन #द्वितीयनवरात्र #NavratriDay2 #BrahmachariniBhajan #Mantrochcharan #BhaktiSangeet #NavratriSpecial #DurgaPuja ``` --- `मंत्रोच्चारण, माला बोले शिव शिव शिव, माँ ब्रह्मचारिणी भजन, द्वितीय नवरात्र भजन, Navratri Day 2 Bhajan, Brahmacharini Mata Song, Navratri 2026 Special Bhajan, Aparna Bhajan, Mantrochcharan Songs, Hindi Devotional Music 2026`