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पिंजरे में कैद चिड़िया नहीं हो तुम || आचार्य प्रशांत (2025)

शक्ति

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पिंजरे में कैद चिड़िया नहीं हो तुम || आचार्य प्रशांत (2025)

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🧔🏻‍♂️ आचार्य प्रशांत से समझे गीता और वेदांत का गहरा अर्थ, लाइव ऑनलाइन सत्रों से जुड़ें: https://acharyaprashant.org/hi/enquir... 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?... ➖➖➖➖➖➖ #acharyaprashant #आचार्यप्रशांत #fearlesswomen #breakingstereotypes #womensafety #womenrights #women #womenempowerment वीडियो जानकारी: 14.11. 2025, बोध प्रत्यूषा, कोलकाता Title : पिंजरे में कैद चिड़िया नहीं हो तुम || आचार्य प्रशांत (2025) ➖➖➖➖➖➖ विवरण: इस वीडियो में आचार्य जी औरतों की आज़ादी पर लगाए जाने वाले डर, रोक-टोक और “सुरक्षा” के नाम पर होने वाले नियंत्रण पर चर्चा कर रहे हैं। प्रश्नकर्ता अपनी पीड़ा साझा करती हैं कि घर वाले उन्हें देर से बाहर रहने, अकेले जाने, मनचाहे कपड़े पहनने या सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर बोलने से रोकते हैं, हर समय यही कहा जाता है, “अगर कुछ हो गया तो?”, “कौन ज़िम्मेदारी लेगा?”, “शादी में दिक्कत होगी।” आचार्य जी समझाते हैं कि रोक वही सकता है, जिसे आपके कर्मों का परिणाम भुगतना पड़ता है; जहाँ आश्रय और निर्भरता है, वहीं हस्तक्षेप भी होगा। आचार्य जी बताते हैं कि सच्ची स्वतंत्रता आर्थिक और मानसिक आत्मनिर्भरता से आती है, और आज़ादी की कीमत जोखिम उठाने और परिणाम स्वयं झेलने का साहस है। भय को आधार बनाकर जीना ही असली गुलामी है। शिकायत से कुछ नहीं बदलता-साहस, आत्मनिर्भरता और भीतर की मजबूरी तोड़ने से ही स्त्री की वास्तविक गरिमा और स्वतंत्रता स्थापित होती है। 🎧 सुनिए #आचार्यप्रशांत को Spotify पर: https://open.spotify.com/show/3f0KFwe... संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~~~~~~~