समुद्र मंथन से प्रकट हुए भगवान धन्वंतरि | धनतेरस की महिमा | दिवाली विशेष
Tilak
0:00 / 0:00
समुद्र मंथन से प्रकट हुए भगवान धन्वंतरि | धनतेरस की महिमा | दिवाली विशेष
13 514 просмотров · 1 дн. назад
Tilak
40,7 млн подписчиков
13 514 просмотров · 1 дн. назад
भगवान धन्वंतरि का प्राकट्य | समुद्र मंथन की दिव्य कथा | धनतेरस की महिमा
मार्कण्डेय ऋषि सभी ऋषि-मुनियों को समुद्र मंथन की अद्भुत कथा सुनाते हैं, जिसमें भगवान विष्णु की दिव्य लीलाओं, माता महालक्ष्मी के प्राकट्य और भगवान धन्वंतरि के अवतरण का वर्णन मिलता है। सृष्टि की रचना से लेकर देवताओं और असुरों के बीच हुए संघर्ष तक, यह कथा भगवान विष्णु की अलौकिक शक्ति और उनकी दिव्य योजनाओं को प्रकट करती है।
देवताओं और असुरों के बीच चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए माता महालक्ष्मी की प्रेरणा से देवगुरु बृहस्पति और शुक्राचार्य दोनों पक्षों के बीच संधि कराते हैं। इसके बाद भगवान शिव के मार्गदर्शन और भगवान विष्णु की सहायता से समुद्र मंथन आरंभ होता है। मंदार पर्वत को मथानी और नागराज वासुकि को रस्सी बनाया जाता है। जब पर्वत समुद्र में स्थिर नहीं रह पाता, तब भगवान विष्णु कूर्म अवतार धारण करके उसे अपनी पीठ पर आधार देते हैं।
समुद्र मंथन से सर्वप्रथम भयंकर कालकूट विष प्रकट होता है, जिसे भगवान शिव अपने कंठ में धारण कर समस्त सृष्टि की रक्षा करते हैं। इसके बाद ऐरावत, उच्चैःश्रवा, कामधेनु, कल्पवृक्ष, कौस्तुभ मणि और अनेक दिव्य रत्न प्रकट होते हैं। अंततः माता महालक्ष्मी समुद्र से प्रकट होकर समस्त देवताओं और असुरों को अपने दिव्य स्वरूप के दर्शन देती हैं।
समुद्र मंथन की इस पावन गाथा में भगवान धन्वंतरि का प्राकट्य विशेष महत्त्व रखता है। भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद का प्रवर्तक और देवताओं का दिव्य वैद्य माना जाता है। वे समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए, जो आरोग्य, जीवन और अमरत्व की कामना का प्रतीक है। इसी दिव्य प्राकट्य के कारण धनतेरस का पर्व भगवान धन्वंतरि की आराधना और उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना से जुड़ा हुआ है।
आगे कथा में देवगुरु बृहस्पति और शुक्राचार्य यह जानने का प्रयास करते हैं कि माता महालक्ष्मी किस देवता को अपने पति के रूप में स्वीकार करेंगी। ब्रह्मा जी और भगवान शिव की परीक्षा के पश्चात उन्हें ज्ञात होता है कि भगवान विष्णु ही त्रिगुणातीत हैं। अंततः माता महालक्ष्मी भगवान विष्णु को अपने पति के रूप में स्वीकार करती हैं।
आइए, सुनते हैं समुद्र मंथन, भगवान धन्वंतरि के दिव्य प्राकट्य, अमृत कलश की महिमा और धनतेरस से जुड़ी इस अद्भुत पौराणिक कथा को, जो हमें आरोग्य, समृद्धि, सद्भाव और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
#diwalikatha #diwalivishesh #ramayan #shreekrishna #jaimahalaxmi #ramanandsagar