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#नर्मदायात्रा 05 #बेगम का भेजा मांस बना मिठाई ,#बागेश्वरमहाराज#पं.प्रदीपमिश्रा बनाने वाला गुरुकुल

Mangal Journey

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#नर्मदायात्रा 05 #बेगम का भेजा मांस बना मिठाई ,#बागेश्वरमहाराज#पं.प्रदीपमिश्रा बनाने वाला गुरुकुल

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Narmada Yatra 05 : Mandir Jahan chadhave ka Maas Ban Gaya Mithai : Bhopal Begum ki Ankahi Kahani , Bageshwar Maharaj aur Pt Pradeep Mishra Banane wala Gurukul Gurukul #नर्मदाजल #नर्मदादर्शन #triber #narmada #नर्मदापरिक्रमा #narmadawater #narmadayatra #नर्मदयात्रा05 #नर्मदाउद्गम #नर्मदयात्रा #carjourney #panditpradeepmishra #शिवराजसिंहचौहान #शिवराज #watertourism #hinglajmata #हिंगलाजदरबार #BhopalBegum #waterbody #नर्मदाकेआसपास #surroundingsofnarmada यह वीडियो नर्मदा जल के महत्त्व को बताने वाली एक पारिवारिक यात्रा की श्रृंखला है। नर्मदा नदी मप्र के अमरकंटक नामक स्थान से निकल कर राज्य के मध्य स्थित भू- भाग से बहते महाराष्ट्र तथा गुजरात की सीमावर्ती जिलों से होते हुए खंभात की खाड़ी में अरब सागर में जाकर मिल जाती है। नर्मदा नदी यहां पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है। इसको “मध्यप्रदेश और गुजरात की जीवनदायनी नदी” भी कहा जाता है क्योंकि यह नदी दोनों ही राज्यों के लोगों के काम आती है। यह जलोढ़ मिट्टी के उपजाऊ मैदानों से होकर बहती है, जिसे नर्मदा घाटी के नाम से भी जाना जाता है। यह घाटी लगभग 320 किमी. में फैली हुई है। एक छोटे से झिरी (जमीन से निकलता पानी के रिसाव) से झरना, प्रपात और विशाल,चौड़े पाट नर्मदा नदी के मार्ग की विविधताएं हैं ।यही इस नदी की विशेषता भी है। बहुत सारी सहायक नदियों को अपने में समा कर, जल धारा लगातार, सदा नीरा बहते हुए अपने किनारे के आबादी की जल पूर्ति से लेकर अब मप्र के इंदौर भोपाल और उज्जैन जैसे बडे़ शहरों में नर्मदा नदी की धारा को पाइपलाइन के जरिए पहुचाकर लाखों गैलन पानी पीने के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। नर्मदा घाटी के जनजीवन में भी इस नर्मदा घाटी की तरह ही विविधिताएं हैं। कला संस्कृति जन जीवन खान पान अलग- अलग होने के बाद भी, जीवन दायिनी इस नर्मदा नदी को माता मानने में किसी को भ्रांति या संकोच नही है। सरकार भी इस नदी को एक जीवित इकाई मानती है। अपने पारिवारिक यात्रा की इस श्रृंखला में इन्ही विविधताओं से भरे नर्मदा घाटी के जन जीवन महतवपूर्ण स्थान, व्यक्तिव बोली भोजन भजन स्थान आदि को जानने निकले हैं। हमारी इस यात्रा के केवल धार्मिक और आध्यात्मिक आयाम ही नही हैं , बल्कि यह पूरे नर्मदा अंचल को जानने की हमारी एक कोशिश है। इस उद्देश्य और हमारे इस पावन लक्ष्यपूर्ति के लिए, हम पति-पत्नि, इसी नर्मदा से पाइप लाइन के जरिए भोपाल के हमारे अपने घर के नल की टोटियों पर आने वाले नर्मदा जल को आधार मानकर नर्मदा नदी के दोनो ओर सड़क मार्ग से नर्मदा उद्गम अमरकंटक तक की यात्रा, कार से कर रहे हैं। इस बीच हमे क्षेत्र के निवासी, मित्र, प्रिय जन परिवार, स्थानीय, यात्री भी मिलेंगे और हमारे साथ समय भी बिताएंगे ऐसी आशा है। हम उदगम स्थल अमरकंटक तक पहुंचने के लक्ष्य लेकर और नर्मदा नदी के दोनो किनारों के बारे में स्वयं जानने निकले हैं और उसी का अनुभव सांझा कर रहे हैं। यह उसी यात्रा श्रृंखला का पहला चौथा वीडियो है जिसे हमने भोपाल स्थित अपने घर से नर्मदा नदी के निकटस्थ तट , तवा और नर्मदा के संगम स्थल, पवित्र बंद्रभान के घाट , मप्र के प्रमुख राजनेता श्री शिवराज सिंह चौहान के गांव जैत से निकलकर बकतरा गांव से होते हुए सीहोर जिले के अंतिम छोर पर विंध्याचल की तराई में स्थित सिद्ध स्थल केवला झिर तक यात्रा के बाद पहले दिन का रात्रि विश्राम रायसेन जिला में प्रवेश कर, जिले के प्रसिद्ध बारना जलाशय के शहर बाड़ी में किया। पहले दिन हमने 150 किमी की यात्रा की थी । अगली सुबह के इस दूसरे वीडियो में जानकारी दी जा रही है रायसेन के प्रसिद्ध माता हिंगलाज दरबार के बारे में, जहां हमने यहां के पुजारी और वरिष्ठ पत्रकार श्री विजय राठौर जी से मंदिर के इतिहास की अनोखी कहानी सुनी । यहां संचालित संस्कृत विद्यालय और परिसर में स्थित अन्य स्थानों के बारे में भी इस वीडियो में बताया जा रहा है उसे हमने भी सुना आप भी सुनिए। इतिहास और घटनाओं से संबंधित ऐसी कहानियां किवदंती ज्यादा होती हैं इसलिए हम इसकी सत्यता की पुष्टि नही करते। परंतु कई बार यही किवदंतियां किस्से इतिहास के रूप में लिख लिया जाता है। यह वीडियो हमारे इस मंदिर में दर्शन के दौरान का रोचक अनुभव मात्र है। हमारा मकसद केवल नर्मदा जल का "नल से उद्गम तक " जल की मात्र यात्रा और धार्मिक टूरिज्म नही बल्कि नर्मदा जी के आसपास के स्थान,जैव विविधता रोजगार पर्यटन जन जीवन को कुछ कुछ जानने की कोशिश की भी । यह सभी वीडियो उसी कोशिश और वहां प्रवास के दौरान मिले अनुभवों पर आधारित हैं। इस स्थान के बारे में ज्यादा जानने के लिए इस विडियो को जरूर देखें, यह हमारा विनम्र निवेदन है। मंगल जर्नी को subscribe कीजिए, वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर कीजिए।like और comment कीजिए। 🙏🏻🙏🏻 सादर मंगल जर्नी