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हिंदी दिवस | हिंदी कैसे बनी? भाषा और साहित्य के बड़े विवादों की कहानी | EP 1591 | Kumud Sharma

Sahitya Tak

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हिंदी दिवस | हिंदी कैसे बनी? भाषा और साहित्य के बड़े विवादों की कहानी | EP 1591 | Kumud Sharma

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हिंदी क्या है? हिंदी भाषा और साहित्य का वर्तमान स्वरूप किन विवादों, संवादों और ऐतिहासिक बहसों से होकर बना? कुमुद शर्मा की पुस्तक ‘हिंदी साहित्य के विवाद-संवाद’ हिंदी भाषा और साहित्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इन्हीं विमर्शों और बहसों को सामने लाती है. इस पुस्तक में प्रेमचंद और हंस के आत्मकथांक से जुड़ा विवाद, दिनकर की ‘उर्वशी’, छायावाद और निराला से जुड़े विवादों के साथ-साथ हिंदी भाषा, व्याकरण, विभक्ति-प्रत्यय, उर्दू और हिंदुस्तानी से हिंदी का संबंध तथा ब्रजभाषा और खड़ी बोली के विवाद जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई है. पुस्तक यह भी बताती है कि साहित्य में असहमति और आलोचना किस तरह भाषा और साहित्य को समृद्ध करने का माध्यम बन सकती है. इस वीडियो में ‘हिंदी साहित्य के विवाद-संवाद’ के प्रमुख विषयों, हिंदी भाषा के निर्माण की ऐतिहासिक प्रक्रिया और उन साहित्यिक बहसों पर चर्चा की गई है, जिन्होंने हिंदी के वर्तमान स्वरूप को गढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. यह पुस्तक हिंदी साहित्य के विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधार्थियों और हिंदी भाषा-साहित्य में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है. कुमुद शर्मा की यह पुस्तक हिंदी साहित्य के इतिहास, भाषा के विकास और साहित्यिक विवादों को समझने का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है. अगर आप हिंदी भाषा और साहित्य के वर्तमान स्वरूप के पीछे छिपे इतिहास और संवाद की परंपरा को समझना चाहते हैं, तो यह पुस्तक आपके लिए एक महत्वपूर्ण पुस्तक हो सकती है. आज की किताब - ‘हिंदी साहित्य के विवाद-संवाद’ रचनाकार - कुमुद शर्मा विधा - साहित्यिक आलोचना भाषा - हिंदी प्रकाशक - प्रभात प्रकाशन पृष्ठ संख्या - 158 मूल्य - ₹300 साहित्य तक के कार्यक्रम ‘बुक कैफे’ के अंतर्गत ‘एक दिन एक किताब’ में वरिष्ठ पत्रकार जय प्रकाश पाण्डेय से सुनिए इस महत्वपूर्ण पुस्तक पर रोचक चर्चा. अगर आपको किताबें और साहित्यिक विमर्श पसंद है, तो इस प्रस्तुति को जरूर देखें. #हिंदी_दिवस #hindidiwas #kumudsharma #bookreview #bookcafe #ep1591 #jaiprakashpandey #sahityatak About the Channel Sahitya Tak आपके पास शब्दों की दुनिया की हर धड़कन के साथ I शब्द जब बनता है साहित्य I वाक्य करते हैं सरगोशियां I जब बन जाती हैं किताबें, रच जाती हैं कविताएं, कहानियां, व्यंग्य, निबंध, लेख, किस्से व उपन्यास I Sahitya Tak अपने दर्शकों के लिये लेकर आ रहा साहित्य के क्षेत्र की हर हलचल I सूरदास, कबीर, तुलसी, भारतेंदु, प्रेमचंद, प्रसाद, निराला, दिनकर, महादेवी से लेकर आज तक सृजित हर उस शब्द की खबर, हर उस सृजन का लेखा, जिससे बन रहा हमारा साहित्य, गढ़ा जा रहा इतिहास, बन रहा हमारा वर्तमान व समाज I साहित्य, सृजन, शब्द, साहित्यकार व साहित्यिक हलचलों से लबरेज दिलचस्प चैनल Sahitya Tak. तुरंत सब्स्क्राइब करें व सुनें दादी मां के किस्से कहानियां ही नहीं, आज के किस्सागो की कहानियां, कविताएं, शेरो-शायरी, ग़ज़ल, कव्वाली, और भी बहुत कुछ I Sahitya Tak - Welcome to the rich world of Hindi Literature. From books to stories to poetry, essays, novels and more, Sahitya Tak is a melting pot where you will keep abreast of what's the latest in the field of literature. We also delve into our history and culture as we explore literary gems of yesteryears from Surdas, Kabir, Tulsi, Bhartendu, Premchand, Prasad, Nirala, Dinkar, Mahadevi, etc. To know more about how literature shapes our society and reflects our culture subscribe to Sahitya Tak for enriching stories, poems, shayari, ghazals, kawali and much more. Subscribe Sahitya Tak now. ............................ Links: Facebook:   / sahityatakofficial   Instagram:   / sahityatak   Twitter:   / sahitya_tak