लव कुश का श्री राम पुत्र होने का प्रमाण | श्री राम की जल समाधि | Ramayan Katha
Bharat Ki Amar Kahaniyan
0:00 / 0:00
लव कुश का श्री राम पुत्र होने का प्रमाण | श्री राम की जल समाधि | Ramayan Katha
380 925 просмотров · 1 месяц назад
Bharat Ki Amar Kahaniyan
1,05 млн подписчиков
380 925 просмотров · 1 месяц назад
लव कुश श्री राम को राम कथा के माध्यम से बताते हैं की वो दोनो उनके पुत्र हैं। श्री राम लव कुश से इसका प्रमाण माँगते हैं। इस पर प्रजा में दो पक्ष हो जाते हैं कुछ माता सोता को वापस लाना चाहते हैं तो कुछ उनसे प्रमाण माँगते हैं। ऋषि वशिष्ठ श्री राम से इसका निर्णय लेने के लिए कहते हैं। श्री राम माता सीता को पवित्र बताती है परंतु माता सीता को सबके सामने अपने पवित्र होने की शपत लेनी होगी। महाऋषि वाल्मीकि सीता को राजसभा में जाकर शपत लेने के लिए कहते हैं ताकि प्रजा में जो अपवाद है वह समाप्त हो जाएगा। अगले दिन माता सीता और लव कुश राजसभा में ऋषि वाल्मीकि के साथ पहुँच जाते हैं। ऋषि वाल्मीकि प्रमाणित करते हैं की लव कुश राजा श्री राम के ही पुत्र हैं।
ऋषि वाल्मीकि के प्रमाण के बाद श्रीराम मान लेते हैं परंतु माता सीता से इस बात को सभा में कहने के लिए कहते हैं ताकि सभी प्रजा गण को यक़ीन हो सके। माता सीता आगे बढ़कर सबके सामने कहती है की यदि में पतिव्रता हूँ तो पृथ्वी देवी मुझे अपनी गोद में स्थान दे। जिस पर पृथ्वी देवी प्रकट होकर माता सीता को साथ ले जाने आजाती हैं। माता सोता का पृथ्वी देवी के साथ चली जाती हैं। श्री राम उन्हें रोकने की कोशिश करते हैं परंतु वो पृथ्वी में समा जाती हैं।
लव कुश को राजकुमारों की तरह सजाया जाता है। लव कुश अपनी माता सीता की स्वर्ण मूर्ति को श्रधांजलि देते हैं और अपनी दादी से आशीर्वाद लेते हैं। लव कुश अपने पिता राम की सेवा करते हैं। ऋषि वाल्मीकि अपनी रचित रामायण आगे की कथा लिखते हैं। कुछ समय बाद एक दिन श्री राम से मिलने महाकाल स्वयं आते हैं और अकेले में श्री राम को बताते हैं की ब्रह्मा जी ने उन्हें आपके पास भेजा है की आपको बता सके की जिस कार्य के लिए आपने जन्म लिया था वह पूर्ण हो चुका है अथवा आपका समय काल समाप्त हो चुका है। उसी समय महाऋषि दुर्वासा श्री राम से मिलने आते हैं। जब ऋषि दुर्वासा लक्ष्मण को रोकते हैं तो दुर्वासा उन्हें अपनी शक्ति से अयोध्या को भस्म करने की चेतावनी देते हैं तो लक्ष्मण लक्ष्मण अपने प्राणो की चिंता ना करते हुए भी अयोध्या को बचाने के लिए श्री राम और महाकाल के वार्ता के बीच चले जाते हैं। श्री राम दंड के रूप में लक्ष्मण का परित्याग कर देते हैं। लक्ष्मण सरयू नदी में अपने आप को विलीन कर देते हैं। श्री राम कुछ समय बाद गुरु वशिष्ठ जी से मिलने जाते हैं औरु उनसे कहते हैं की अब उनका समय पृथ्वी पर पूर्ण हो चुका है इसलिए वो अब जल समाधि लेना चाहते हैं ऋषि वशिष्ठ जी उन्हें आज्ञा दे देते हैं। श्री राम के साथ प्रजा उनके साथ चलने के लिए प्रार्थन करते हैं तो श्री राम उन्हें साथ ले जाने के लिए मान जाते हैं। श्री राम जल समाधि लेकर अपने धाम वापस चले जाते हैं।
भारत की अमर कहानियाँ में आपको मिलती हैं ऐसी कथाएँ जो न केवल अनोखी हैं, बल्कि हमारी संस्कृति की अमूल्य धरोहर भी हैं। ये कहानियाँ शाश्वत हैं क्योंकि ये हमारे मन-मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव छोड़ती हैं।
#ramayan #ramayana #shriram #lordrama #ramkatha #ramayanserial #ramayanbhajan #rambhakt #sitaram #lokkatha #bharatkikahaniyan #bhaktistories #hindumytho #hindudevotional