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kya hai Dhosi Ka Pahad ka rahashay? #महर्षि च्यवन का आश्रम #महान खोज च्यवनप्राश यही हुई थी #doshi

Mr. Arvind Vlogs

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kya hai Dhosi Ka Pahad ka rahashay? #महर्षि च्यवन का आश्रम #महान खोज च्यवनप्राश यही हुई थी #doshi

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महर्षि च्यवन का आश्रम व प्राचीन शिव मंदिर, ढोसी की पहाड़ी, अरावली पर्वत श्रृंखला के पास एक ज्वालामुखी है जिसे ज्वालामुखी तो कहा जाता है पर कई हजार सालों से इस ज्वालामुखी में कोई भी विस्फोट नहीं हुआ है.आज भी पहाड़ी के एक तरफ ठोस लावा देखा जा सकता है, जो कि लाखों वर्ष पुराना है. लगभग 5100 वर्ष पूर्व पांडव भी अपने अज्ञातवास के दौरान यहां आए थे. कायाकल्प औषधि का निर्माण भी धोसी पहाड़ी पर ही किया गया था,46 दुर्लभ जड़ी-बूटियों को मिलाकर पहली बार यहीं च्यवनप्राश का फार्मूला तैयार किया गया था. ‘कायाकल्प’ के निर्माण के प्रमाण भी यहीं मिलते हैं महाभारत के मुताबिक ढोसी की पहाड़ी को आर्चिक पर्वत कहा जाता था। ढोसी की पहाड़ी का जिक्र महाभारत के वन पर्व में भी मिलता है। महाभारत के अनुसार अज्ञातवास के दौरान पांडव ढोसी की पहाड़ी पर भी आए थे। इस पहाड़ी पर बड़े आकार के कुछ पदचिह्न भी हैं जो महाबली भीम के पदचिह्नों के रूप में प्रसिद्ध हैं।