जिन्होंने अनजाने में कोई बड़ी भूल कर दी हो || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2024)
आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant
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जिन्होंने अनजाने में कोई बड़ी भूल कर दी हो || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2024)
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वीडियो जानकारी: 27.07.24, संत सरिता, ग्रेटर नॉएडा
जिन्होंने अनजाने में कोई बड़ी भूल कर दी हो || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2024)
📋 Video Chapters:
0:00 - Intro
0:51 - जीवन में प्राथमिकताएँ और अनियमिताएँ
1:53 - विविध विषयों से संबंध और आश्रित जीवन
9:33 - त्याग का महत्व
19:08 - भटका हुआ मन
24:04 - स्वार्थ और पृथ्वी का दोहन
26:28 - गीता और संसार
28:18- अच्छाई और बुराई की पहचान
32:54 - समापन
विवरण:
इस वीडियो में,आचार्य प्रशांत वृक्षारोपण, व्यक्तिगत प्राथमिकताओं, और जीवन में सही निर्णय लेने के बारे में चर्चा कर रहे हैं। वे बताते हैं कि भारत में वृक्षारोपण का कार्य अक्सर अदालत के आदेशों के तहत किया जाता है, और यह भी कि कई कंपनियाँ जो प्रदूषण फैलाती हैं, वे भी वृक्षारोपण का कार्य करती हैं।
आचार्य प्रशांत यह भी बताते हैं कि जीवन में विभिन्न विषयों और प्राथमिकताओं के बीच संतुलन बनाना आवश्यक है। वे यह समझाते हैं कि कैसे हम अपने जीवन में विभिन्न विषयों को महत्व देते हैं और कैसे हमें यह समझना चाहिए कि क्या वास्तव में महत्वपूर्ण है।
इसके अलावा, आचार्य प्रशांत गीता और अन्य विषयों के बीच प्रतिस्पर्धा की बात करते हैं, यह बताते हुए कि हमें अपने जीवन में सही निर्णय लेने के लिए आत्म-निरीक्षण करना चाहिए। वे यह भी कहते हैं कि अच्छे कर्मों का मूल्यांकन केवल उनके स्थानीय प्रभाव के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि उनके व्यापक प्रभाव को भी ध्यान में रखना चाहिए।
प्रसंग:
~ किसे काम को प्राथमिकता दें?
~ विषय क्या है?
~ हमने जीवन में पचासों विषय क्यों रखे हैं?
~ हमारे जीवन में कोई भी क्यों होता है?
~ माफ़ी माँगने का वास्तविक अर्थ क्या है?
~ क्या माफ़ी माँगने से कोई छोटा या बड़ा हो जाता है?
~ कैसे माने कि कोई माफ़ी माँग रहा है और उसे उसका सही अर्थ भी समझ आ रहा है?
~ आजकल हम भगवान के सामने सिर झुका देते हैं और कुछ भी माँगते हैं - क्या यह सही है?
संगीत: मिलिंद दाते
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