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अगर सब जड़ है तो दृष्टा कौन? || आचार्य प्रशांत (2024)

राष्ट्रधर्म

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अगर सब जड़ है तो दृष्टा कौन? || आचार्य प्रशांत (2024)

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🧔🏻‍♂️ आचार्य प्रशांत से मिलना चाहते हैं? लाइव सत्रों का हिस्सा बनें: https://acharyaprashant.org/hi/enquir... 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?... ➖➖➖➖➖➖ वीडियो जानकारी: 28.02.2024 , बोध प्रत्यूषा , ग्रेटर नॉएडा विवरण: इस वीडियो में आचार्य जी ने साक्षी, जड़ता और आत्मा के संबंध में गहन विचार प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने बताया कि साक्षी वह है जो जड़ता से स्वतंत्र है और जिसका किसी भी जड़ वस्तु से कोई संबंध नहीं है। साक्षी का अर्थ केवल देखना नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति अपने अहंकार और तृष्णा से मुक्त हो जाता है। आचार्य जी ने यह स्पष्ट किया कि जब हम किसी चीज़ को देखते हैं, तो हम अपने अहंकार और इच्छाओं के साथ जुड़े होते हैं, जिससे वास्तविकता का अनुभव बाधित होता है। उन्होंने उदाहरण दिया कि जैसे एक कैमरा किसी दृश्य को देखता है, वैसे ही साक्षी को भी जड़ता से कोई लेना-देना नहीं होता। उन्होंने यह भी कहा कि ज्ञान की प्राप्ति के लिए हमें पहले मूलभूत सिद्धांतों को समझना चाहिए और फिर आगे बढ़ना चाहिए। आचार्य जी ने चेतावनी दी कि हमें बाहरी चीजों से प्रभावित नहीं होना चाहिए और अपने भीतर की स्थिति को समझना चाहिए। अंत में, उन्होंने यह बताया कि साधना का अर्थ है अपने आप को जड़ता से अलग करना और अपने भीतर की शांति को पहचानना। यह एक प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति को अपने अहंकार और तृष्णा से मुक्त होकर जीवन को एक नए दृष्टिकोण से देखना होता है। इस प्रकार, आचार्य जी ने जीवन के गूढ़ रहस्यों को समझने के लिए गहन विचारों और साधना की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रसंग: ~ अगर सब जड़ है तो दृष्टा कौन है? ~ दृष्टा कौन होता है? ~ क्या दृष्टा का किसी से कुछ संबंध हो सकता है? ~ साक्षित्व माने क्या? ~ साक्षी और शून्य क्या भिन्न बात है? नदी किनारे में खड़ी, ज्यों जल मैला होय। मैं मैली पिया ऊजरे, मिलन कहाँ से होय ॥ ~ संत कबीर एक साधे सब सधै, सब साधे सब जाय। रहिमन मूलहिं सींचिबो, फूलै-फलै अघाय ॥ ~ संत रहीम यत्र यत्र भवेत्तृष्णा संसारं विद्धि तत्र वै। प्रौढवैराग्यमाश्रित्य वीततृष्णः सुखी भव ॥ ~ अष्टावक्र गीता 10.3 हसिबा खेलिबा धरिबा ध्यानम् । ~ गुरु गोरखनाथ संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~~~~~~~ #acharyaprashant