आशिन चढ़ते ही मैया मुसुकइली | अब मूर्ति में आ गेलै जान | बोलै लगली मैया दुर्गा | मगही देवी लोकगीत
Aruhi Ke Lok Geet
0:00 / 0:00
आशिन चढ़ते ही मैया मुसुकइली | अब मूर्ति में आ गेलै जान | बोलै लगली मैया दुर्गा | मगही देवी लोकगीत
280 просмотров · 10 дн. назад
Aruhi Ke Lok Geet
29 подписчиков
280 просмотров · 10 дн. назад
🙏🌺 “आशिन चढ़ते ही मैया मुसुकइली, अब मूर्ति में आ गेलै जान…” — दुर्गा माता की भक्ति और आश्विन मास से जुड़े लोकविश्वास को प्रस्तुत करता एक सुंदर मगही देवी लोकगीत। 🎶🪔
इस गीत में आश्विन मास के आगमन के साथ दुर्गा मैया के मूर्ति में प्रकट होने और मैया के बोलने लगने का भाव बहुत ही श्रद्धा और भावुकता के साथ प्रस्तुत किया गया है। भक्तों के लिए यह क्षण मैया के आगमन और उनकी उपस्थिति का आनंद लेकर आता है। 🙏🌸
लोकधुन में गाया गया यह गीत दुर्गा पूजा, मैया की भक्ति और पारंपरिक ग्रामीण लोकसंस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत करता है। 🌿🪔
🎵 गीत: आशिन चढ़ते ही मैया मुसुकइली
🌺 विषय: दुर्गा माता का आगमन
🙏 भाव: मैया की भक्ति एवं श्रद्धा
🎶 भाषा: मगही
🌾 शैली: पारंपरिक मगही देवी लोकगीत
अगर यह प्यारा दुर्गा माता का लोकगीत आपको पसंद आए तो Like ❤️ | Share 🔄 | Subscribe 🔔 जरूर करें।
🌾 हमर माटी | हमर बोली | हमर लोकगीत 🎶
#दुर्गामाता #दुर्गागीत #देवीमातालोकगीत #आश्विनमास #दुर्गापूजा #मगहीलोकगीत #DurgaMata #DurgaGeet #MagahiLokGeet #DeviGeet #DurgaPuja #AruhiKeLokGeet