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दशरथ के चारो सुत ललनवा | पाहुनवा राधे | राम, लखन, भरत, शत्रुघ्न के विवाह प्रसंग | मगही लोकगीत

Aruhi Ke Lok Geet

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दशरथ के चारो सुत ललनवा | पाहुनवा राधे | राम, लखन, भरत, शत्रुघ्न के विवाह प्रसंग | मगही लोकगीत

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🙏🌺 “दशरथ के चारो सुत ललनवा, पाहुनवा राधे…” एक सुंदर पारंपरिक मगही लोकगीत है, जिसमें जनक नगरी में अयोध्या से आए दशरथ जी के चारों पुत्रों — राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न — के बारे में जानने की उत्सुकता और उनके विवाह से जुड़े प्रसंग को लोकभाषा में प्रस्तुत किया गया है। 🎶🌿 गीत में बताया जाता है कि किसका विवाह किससे हो रहा है और चारों भाइयों का संबंध क्या है, यानी जनक नगरी में विवाह के अवसर पर अयोध्या के चारों राजकुमारों के बारे में बातचीत और जानकारी का सुंदर लोकचित्रण मिलता है। 🙏💐 यह गीत राम विवाह और चारों भाइयों के विवाह प्रसंग से जुड़ी हमारी पारंपरिक लोकगायन परंपरा की मधुर झलक प्रस्तुत करता है। 🌺🪔 🎵 गीत: दशरथ के चारो सुत ललनवा 🌸 प्रसंग: जनक नगरी में विवाह समारोह 👑 पात्र: राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न 💐 विषय: चारों भाइयों के विवाह का प्रसंग 🎶 भाषा: मगही 🌾 शैली: पारंपरिक लोकगीत ❤️ गीत पसंद आए तो Like, Share और Subscribe जरूर करें। 🔔 ऐसे ही पारंपरिक मगही लोकगीतों के लिए जुड़े रहें Aruhi Ke Lok Geet के साथ। 🌾 हमर माटी | हमर बोली | हमर लोकगीत 🎶 #दशरथकेचारोसुत #रामविवाह #रामविवाहगीत #मगहीलोकगीत #रामलखनभरतशत्रुघ्न #जनकनगरी #विवाहगीत #रामायणलोकगीत #MagahiLokGeet #AruhiKeLokGeet