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🔱 कामदेव चले महादेव को मोहने! | तारकासुर के अंत की शुरुआत | सत्रहवां अध्याय

BhaktiGyaan sagar

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🔱 कामदेव चले महादेव को मोहने! | तारकासुर के अंत की शुरुआत | सत्रहवां अध्याय

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देवताओं पर तारकासुर का अत्याचार बढ़ता जा रहा था। सभी देवताओं को पता था कि तारकासुर का अंत केवल भगवान शिव के पुत्र के हाथों ही संभव है। लेकिन महादेव तो हिमालय पर गहन तपस्या में लीन थे और उनका मन संसार के सभी मोह से परे था। तब देवराज इंद्र ने कामदेव को बुलाया और उन्हें एक अत्यंत कठिन कार्य सौंपा—भगवान शिव के हृदय में माता पार्वती के प्रति प्रेम की भावना उत्पन्न करना। कामदेव ने देवताओं की सहायता करने का संकल्प लिया और अपनी पत्नी रति तथा वसंत को साथ लेकर हिमालय की ओर प्रस्थान किया। क्या कामदेव अपने पुष्प-बाण से महादेव की अटूट तपस्या भंग कर पाएंगे? क्या शिव और पार्वती का मिलन तारकासुर के विनाश का मार्ग बनेगा? जानिए सत्रहवें अध्याय — “कामदेव का शिव को मोहने के लिए प्रस्थान” में। 🔱🌺 🙏 हर हर महादेव 🙏 #Mahadev #ShivParvati #Kamdev #Tarkasur #ShivKatha #PauranikKatha #MahadevKatha #Parvati #SanatanDharma #HindiKatha