२९.श्री असिताङ्ग भैरव स्तोत्रम् | Asitanga Bhairav Stotram | भैरव स्तोत्र पाठ | असितांग भैरव कृपा 🙏
उद्दंड मार्तंड 𝑼𝒅𝒅𝒂𝒏𝒅 𝑴𝒂𝒓𝒕𝒂𝒏𝒅
0:00 / 0:00
२९.श्री असिताङ्ग भैरव स्तोत्रम् | Asitanga Bhairav Stotram | भैरव स्तोत्र पाठ | असितांग भैरव कृपा 🙏
426 просмотров · 2 дн. назад
उद्दंड मार्तंड 𝑼𝒅𝒅𝒂𝒏𝒅 𝑴𝒂𝒓𝒕𝒂𝒏𝒅
27,6 тыс. подписчиков
426 просмотров · 2 дн. назад
📝
🔱 ॥ ॐ श्री असिताङ्गभैरवाय नमः ॥ 🔱
भगवान शिव के उग्र एवं दिव्य भैरव स्वरूप श्री असिताङ्ग भैरव के स्तोत्र में मंगलाचरण, विनियोग, ध्यान, ऋष्यादिन्यास, करन्यास, अङ्गन्यास, अर्गला, कीलक, कुञ्जिका, स्तोत्र एवं फलश्रुति सम्मिलित हैं।
🙏 श्री असिताङ्ग भैरव स्तोत्र पाठ के आध्यात्मिक उद्देश्य 🔱 भगवान भैरव के प्रति श्रद्धा एवं भक्ति का विकास। 🔱 मन में साहस, आत्मविश्वास एवं सकारात्मकता का संवर्धन। 🔱 शिवभक्ति, आध्यात्मिक चिंतन एवं साधना में एकाग्रता। 🔱 भगवान भैरव के दिव्य स्वरूप का स्मरण एवं स्तवन।
__
॥ श्रीअसिताङ्गभैरवस्तोत्रम् ॥
॥ श्रीगणेशाय नमः ॥
॥ श्रीअसिताङ्गभैरवाय नमः ॥
॥ मङ्गलाचरणम् ॥
नमामि भैरवं देवं शिवं शान्तं कृपाकरम्।
असिताङ्गं महाघोरं भक्ताभीष्टफलप्रदम्॥
॥ विनियोगः ॥
ॐ अस्य श्रीअसिताङ्गभैरवस्तोत्रमन्त्रस्य ब्रह्मा ऋषिः, अनुष्टुप् छन्दः, श्रीअसिताङ्गभैरवो देवता, ह्रीं बीजम्, क्लीं शक्तिः, ऐं कीलकम्, श्रीअसिताङ्गभैरवप्रीत्यर्थे जपे विनियोगः॥
॥ ध्यानम् ॥
त्रिनेत्रं चन्द्रमौलिं च खड्गशूलकपालिनम्।
दिगम्बरं श्वानवाहमसिताङ्गं नमाम्यहम्॥
॥ ऋष्यादिन्यासः ॥
ब्रह्मर्षये नमः शिरसि।
अनुष्टुप्छन्दसे नमः मुखे।
असिताङ्गभैरवदेवतायै नमः हृदि।
ह्रीं बीजाय नमः गुह्ये।
क्लीं शक्तये नमः पादयोः।
ऐं कीलकाय नमः नाभौ।
विनियोगाय नमः सर्वाङ्गे॥
॥ करन्यासः ॥
ॐ ह्रां अङ्गुष्ठाभ्यां नमः।
ॐ ह्रीं तर्जनीभ्यां नमः।
ॐ ह्रूं मध्यमाभ्यां नमः।
ॐ ह्रैं अनामिकाभ्यां नमः।
ॐ ह्रौं कनिष्ठिकाभ्यां नमः।
ॐ ह्रः करतलकरपृष्ठाभ्यां नमः॥
॥ अङ्गन्यासः ॥
ॐ ह्रां हृदयाय नमः।
ॐ ह्रीं शिरसे स्वाहा।
ॐ ह्रूं शिखायै वषट्।
ॐ ह्रैं कवचाय हुम्।
ॐ ह्रौं नेत्रत्रयाय वौषट्।
ॐ ह्रः अस्त्राय फट्॥
॥ अर्गलास्तोत्रम् ॥
असिताङ्ग महाभैरव भक्तानां भयभञ्जन।
ज्ञानं देहि सुखं देहि विघ्नान् नाशय मे प्रभो॥
॥ कीलकस्तोत्रम् ॥
भैरवस्य प्रसादेन सिद्धिर्भवति शाश्वती।
प्रसीद देव देवेश कीलकं मोचय प्रभो॥
॥ कुञ्जिकास्तोत्रम् ॥
ह्रां ह्रीं ह्रूं ह्रैं ह्रौं ह्रः असिताङ्गाय ते नमः।
भैरवस्मरणादेव सर्वविघ्नाः प्रणश्यति॥
॥ स्तोत्रम् ॥
असिताङ्गं महादेवं भैरवं भयहारिणम्।
नमामि शरणं प्राप्तं भक्तानां हितकारिणम्॥
त्रिनेत्रं चन्द्रमौलिं च नागहारविभूषितम्।
कपालखड्गहस्तं तं वन्दे रुद्रस्वरूपिणम्॥
दिगम्बरं महाघोरं करुणारससागरम्।
दुष्टदर्पविनाशाय नमामि भैरवं हरम्॥
अज्ञानतिमिरध्वंसं ज्ञानदीपप्रकाशकम्।
हृदयस्थं महेशानमसिताङ्गं नमाम्यहम्॥
भयशोकविनाशाय रोगदारिद्र्यशान्तये।
संसारतारणायैव भैरवं प्रणमाम्यहम्॥
धर्ममार्गप्रदातारं सत्यधर्मप्रवर्तकम्।
सद्बुद्धिं देहि मे नित्यं असिताङ्ग नमोऽस्तु ते॥
शरणागतपालं त्वां दीनबन्धुं कृपाकरम्।
प्रसीद भैरवेशान शिवभक्तिप्रदायक॥
॥ फलश्रुतिः ॥
इदं स्तोत्रं पठेद् भक्त्या शुचिर्भूत्वा समाहितः।
तस्य चित्ते भवेज्ज्ञानं भैरवस्य प्रसादतः॥
भयं दुःखं विनश्येत शान्तिर्भवति शाश्वती।
असिताङ्गप्रसादेन शिवभक्तिर्विवर्धते॥
॥ इति श्रीअसिताङ्गभैरवस्तोत्रं सम्पूर्णम् ॥
॥ श्रीअसिताङ्गभैरवार्पणमस्तु ॥
॥ ॐ भैरवाय नमः ॥
__
📿 पाठविधि (Paath Vidhi)
🔸 प्रातःकाल अथवा सायंकाल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। 🔸 पूजा स्थल पर भगवान शिव एवं श्री असिताङ्ग भैरव का स्मरण करें। 🔸 दीप प्रज्वलित करके श्रद्धापूर्वक संकल्प लें। 🔸 सर्वप्रथम भगवान गणेश एवं अपने इष्टदेव का स्मरण करें। 🔸 श्री असिताङ्ग भैरव का ध्यान करके विनियोग एवं न्यास का पाठ करें। 🔸 तत्पश्चात् अर्गला, कीलक, कुञ्जिका तथा श्री असिताङ्ग भैरव स्तोत्र का श्रद्धापूर्वक पाठ करें। 🔸 अंत में फलश्रुति पढ़कर भगवान भैरव से सद्बुद्धि, साहस, शांति एवं कल्याण की प्रार्थना करें। 🔸 अपनी परंपरा के अनुसार पूजा का समापन करें।
विशेष सूचना: विशिष्ट तांत्रिक साधना के लिए योग्य गुरु का मार्गदर्शन लें।
🙏 जय श्री असिताङ्ग भैरव! हर हर महादेव! 🙏
वीडियो पसंद आए तो LIKE 👍 करें, SHARE करें और ऐसे ही संस्कृत स्तोत्रों के लिए CHANNEL को SUBSCRIBE 🔔 करें।
🚀
#असिताङ्गभैरव #श्रीअसिताङ्गभैरवस्तोत्रम् #AsitangaBhairav #AsitangaBhairavStotram #BhairavStotram #कालभैरव #भैरवबाबा #भैरवउपासना #भगवानशिव #शिवभक्ति #संस्कृतस्तोत्रम् #SanskritStotram #BhairavUpasana #ShivaMantra #SanatanDharma #HinduDevotional #BhairavMantra #Mahadev #HarHarMahadev #Devotional