Перейти к содержимому

३०.श्री भद्रसेन भैरव स्तोत्रम् 🚩 | भय, संकट और नकारात्मकता से रक्षा हेतु दिव्य पाठ

उद्दंड मार्तंड 𝑼𝒅𝒅𝒂𝒏𝒅 𝑴𝒂𝒓𝒕𝒂𝒏𝒅

0:00 / 0:00

३०.श्री भद्रसेन भैरव स्तोत्रम् 🚩 | भय, संकट और नकारात्मकता से रक्षा हेतु दिव्य पाठ

295 просмотров · 1 дн. назад
उद्दंड मार्तंड 𝑼𝒅𝒅𝒂𝒏𝒅 𝑴𝒂𝒓𝒕𝒂𝒏𝒅
27,6 тыс. подписчиков
295 просмотров · 1 дн. назад
📜 🔱 श्री भद्रसेन भैरव स्तोत्रम् | मंगलाचरण, ध्यान, विनियोग, न्यास, अर्गला, कीलक, कुञ्जिका, स्तोत्र एवं फलश्रुति सहित भगवान श्री भद्रसेन भैरव को समर्पित इस स्तोत्र में उनकी दिव्य महिमा, भक्तवत्सलता, रक्षक स्वरूप तथा कृपा का स्तवन किया गया है। 🙏 स्तोत्र की विशेषताएँ 🔸 श्री भद्रसेन भैरव मंगलाचरणम् 🔸 ध्यानम् एवं विनियोगः 🔸 ऋष्यादिन्यासः, करन्यासः एवं अङ्गन्यासः 🔸 अर्गलास्तोत्रम् 🔸 कीलकस्तोत्रम् 🔸 कुञ्जिकास्तोत्रम् 🔸 श्री भद्रसेन भैरव स्तोत्रम् 🔸 फलश्रुतिः 🪔 भक्ति एवं पाठ का उद्देश्य श्रद्धापूर्वक भगवान भैरव का स्मरण मन में साहस, आत्मबल, संयम और धर्म के प्रति निष्ठा जागृत करने की प्रेरणा देता है। इस स्तोत्र का पाठ भगवान के प्रति श्रद्धा एवं समर्पण के भाव से करें। 📿 ॥ श्री भद्रसेन भैरवाय नमः ॥ 🚩 ॥ जय श्री भैरव ॥ वीडियो को अंत तक सुनें, भगवान श्री भद्रसेन भैरव का स्मरण करें और भक्ति के इस संदेश को अन्य श्रद्धालुओं तक पहुँचाएँ। 🙏 वीडियो पसंद आए तो Like करें, Comment में 'जय श्री भद्रसेन भैरव' लिखें तथा चैनल को Subscribe करें। --- ॥ श्रीभद्रसेनभैरवस्तोत्रम् ॥ ॥ श्रीभद्रसेनभैरवाय नमः ॥ ॥ मंगलाचरणम् ॥ ॐ नमो भैरवेशाय भद्रसेनाय धीमते । भक्ताभीष्टप्रदात्रे च रक्षकर्त्रे नमो नमः ॥ नीलमेघनिभं देवं कालकालं कृपानिधिम् । वन्दे भद्रस्वरूपं तं भैरवं भवमोचनम् ॥ ॥ ध्यानम् ॥ ध्यायेन्नीलघनश्यामं त्रिनेत्रं चन्द्रशेखरम् । त्रिशूलडमरुधरं भद्रसेनं दयानिधिम् ॥ दंष्ट्राकरालवदनं भक्तानुग्रहकारकम् । दुष्टदर्पविनाशाय स्थितं धर्मपथप्रदम् ॥ श्वानवाहनमारूढं नागयज्ञोपवीतिनम् । भद्रसेनं महाभैरवं हृदि नित्यं विचिन्तयेत् ॥ ॥ विनियोगः ॥ ॐ अस्य श्रीभद्रसेनभैरवस्तोत्रमन्त्रस्य ब्रह्मा ऋषिः । अनुष्टुप् छन्दः । श्रीभद्रसेनभैरवो देवता । ह्रीं बीजम् । भैरवः शक्तिः । भद्रसेनः कीलकम् । धर्मार्थकाममोक्षप्राप्त्यर्थं सकलभयविनाशार्थं श्रीभद्रसेनभैरवप्रीत्यर्थं स्तोत्रपाठे विनियोगः ॥ ॥ ऋष्यादिन्यासः ॥ ॐ ब्रह्मर्षये नमः शिरसि । ॐ अनुष्टुप्छन्दसे नमः मुखे । ॐ श्रीभद्रसेनभैरवदेवतायै नमः हृदि । ॐ ह्रीं बीजाय नमः गुह्ये । ॐ भैरवशक्तये नमः पादयोः । ॐ भद्रसेनकीलकाय नमः नाभौ । ॐ विनियोगाय नमः सर्वाङ्गे ॥ ॥ करन्यासः ॥ ॐ भं अङ्गुष्ठाभ्यां नमः । ॐ द्रं तर्जनीभ्यां नमः । ॐ सें मध्यमाभ्यां नमः । ॐ नं अनामिकाभ्यां नमः । ॐ भैं कनिष्ठिकाभ्यां नमः । ॐ वं करतलकरपृष्ठाभ्यां नमः ॥ ॥ अङ्गन्यासः ॥ ॐ भं हृदयाय नमः । ॐ द्रं शिरसे स्वाहा । ॐ सें शिखायै वषट् । ॐ नं कवचाय हुं । ॐ भैं नेत्रत्रयाय वौषट् । ॐ वं अस्त्राय फट् । ॐ भूर्भुवःस्वरोमिति दिग्बन्धः ॥ ॥ अर्गलास्तोत्रम् ॥ भद्रसेन महाभाग भक्तानां भद्रदायक । ममापदः समाकृष्य सुखमार्गं प्रदर्शय ॥ ॥ कीलकस्तोत्रम् ॥ भैरवस्य प्रसादेन सिद्धिर्भवति शाश्वती । भद्रसेनप्रसादेन विघ्नकीलं विनश्यति ॥ ॥ कुञ्जिकास्तोत्रम् ॥ ह्रीं भद्रसेन भैरवाय नमः । क्लीं क्लेशान् विनाशय विनाशय । हुं भयम् उच्चाटय उच्चाटय । फट् सर्वविघ्नान् विदारय विदारय । ॐ भद्रसेनभैरवाय स्वाहा ॥ ॥ श्रीभद्रसेनभैरवस्तोत्रम् ॥ भद्रसेन महाभैरव भक्तरक्षणतत्पर । करुणामृतसम्पूर्ण पाहि मां परमेश्वर ॥ कालकाल महाकाल दुष्टदर्पविनाशक । धर्ममार्गप्रदातारं वन्दे त्वां भयनाशन ॥ त्रिनेत्रं शूलहस्तं च नागहारविभूषितम् । नीलवर्णं कृपापूर्णं भैरवं प्रणमाम्यहम् ॥ अज्ञानतिमिरध्वंसिन् ज्ञानदीपप्रकाशक । चित्तशुद्धिप्रदातारं भद्रसेन नमोऽस्तु ते ॥ रोगशोकभयक्लेशदुःस्वप्नार्तिविनाशन । शरणागतपालक त्वं त्राहि मां भैरव प्रभो ॥ धर्मार्थकाममोक्षाणां दाता भक्तहिते रतः । सत्यशीलदयायुक्तं भद्रसेनं भजाम्यहम् ॥ संसारार्णवमग्नानां त्वमेव परमाश्रयः । भक्तिप्रीतिप्रदं देवं भद्रसेनं नमाम्यहम् ॥ ॥ फलश्रुतिः ॥ भद्रसेनभैरवस्य स्तोत्रमेतत्पठेन्नरः । भक्त्या शृणोति यो नित्यं स लभेद्भद्रमुत्तमम् ॥ भयशोकविनिर्मुक्तः शान्तिं सौख्यं च विन्दति । भैरवानुग्रहात्सोऽपि धर्ममार्गे प्रवर्तते ॥ ॥ श्रीभद्रसेनभैरवार्पणमस्तु ॥ ॥ ॐ भैरवाय नमः ॥ __ 🪔 पाठविधि (Paath Vidhi) शुद्धि: स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा-स्थान को स्वच्छ रखें। स्थापना: भगवान श्री भद्रसेन भैरव का चित्र अथवा विग्रह स्थापित करें। पूजन: दीप प्रज्वलित करके अपनी श्रद्धा के अनुसार पुष्प, धूप एवं नैवेद्य अर्पित करें। ध्यान: शांत मन से भगवान श्री भद्रसेन भैरव का ध्यान करें। न्यास एवं विनियोग: यदि इनकी विधि ज्ञात हो, तो श्रद्धापूर्वक संपन्न करें। स्तोत्रपाठ: मंगलाचरण से आरंभ करके ध्यान, विनियोग, न्यास, अर्गला, कीलक, कुञ्जिका, स्तोत्र एवं फलश्रुति का क्रमपूर्वक पाठ करें। समापन: भगवान को प्रणाम करके परिवार एवं समस्त प्राणियों के कल्याण की प्रार्थना करें। विशेष सूचना: विशिष्ट तांत्रिक अनुष्ठान के लिए योग्य गुरु का मार्गदर्शन लें। --- 🔥 #श्रीभद्रसेनभैरव #भद्रसेनभैरवस्तोत्रम् #भैरवस्तोत्रम् #श्रीभैरव #भैरवबाबा #कालभैरव #भैरवउपासना #भैरवआराधना #भैरवमंत्र #भैरवभक्ति #शिवभक्ति #महाकालभैरव #सनातनधर्म #संस्कृतस्तोत्रम् #संस्कृतस्तोत्र #स्तोत्रपाठ #नित्यपाठ #धार्मिकवीडियो #भक्तिसंगीत #जयभैरव #BhairavStotram #Bhairava #BhairavBaba #Bhadr सेनBhairav #SanskritStotram #SanatanDharma #LordBhairav #Devotional #HinduDevotion #Bhakti