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संस्कार निरोध से विज्ञान निरोध | जो करने की दिशा बनी… क्या मैंने बनाई? | प्रतित्यसमुत्पाद सहज अनुभव

ARYA MAITRI PRESENCE

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संस्कार निरोध से विज्ञान निरोध | जो करने की दिशा बनी… क्या मैंने बनाई? | प्रतित्यसमुत्पाद सहज अनुभव

31 просмотр · 2 дн. назад
ARYA MAITRI PRESENCE
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🙏 केवल देखिए… मेरे मन में अभी कुछ हो रहा है क्या? कोई विचार… स्मृति… चित्र… कल्पना… इच्छा… या कुछ करने की दिशा? उसके होने के लिए मैंने कुछ किया क्या? मैंने उसे बुलाया क्या? जो हुआ… क्या वह वैसा ही रहता है? ──────────────────── 🌿 “संखारनिरोधा विञ्ञाणनिरोधो” Saṅkhāra-nirodhā Viññāṇa-nirodho संस्कार के निरोध से विज्ञान का निरोध। यह प्रतित्यसमुत्पाद की निरोध-श्रृंखला की दिशा में बनाया गया लगभग 30 मिनट का सहज अनुभवात्मक अभ्यास है। इस अभ्यास में किसी संस्कार को जबरदस्ती रोकने, विचारों को दबाने या मन को खाली करने का प्रयास नहीं कराया जाता। केवल प्रत्यक्ष जाँच— मन किसी अनुभव को पास रखने की दिशा में जा रहा है क्या? किसी अनुभव को दूर करने की दिशा में जा रहा है क्या? पाने की? बचने की? बनाए रखने की? बदलने की? कुछ करने की? या कुछ न करने की? यह दिशा बनने के लिए मैंने कुछ किया क्या? जो दिशा बनी… क्या वह वैसी ही रहती है? यदि बदल गई— क्या मैंने बदला? यदि शांत हुई— क्या मैंने शांत किया? यदि नहीं रही— क्या मैंने समाप्त किया? ──────────────────── 🌿 फिर जाँच और सूक्ष्म होती है… जो मानसिक गतिविधि अभी जानी जा रही थी… उसके बदलने पर अब क्या जाना जा रहा है? विचार बदला— क्या जानने में कुछ बदला? इच्छा नहीं रही— अब क्या जाना जा रहा है? कुछ नया उपस्थित हुआ— अब क्या जाना जा रहा है? “मैं कर रहा हूँ…” “मैं रोक रहा हूँ…” “मैं छोड़ रहा हूँ…” यदि ऐसा कोई विचार आता है— क्या उसका भी पता चल रहा है? क्या वह भी वैसा ही रहता है? ──────────────────── इस अभ्यास का उद्देश्य यह घोषित करना नहीं है कि किसी क्षणिक विचार के समाप्त होने से पूर्ण संस्कार-निरोध या विज्ञान-निरोध प्राप्त हो गया। न कोई उपलब्धि माननी है… न कोई निष्कर्ष बनाना है… केवल प्रश्न— जो उत्पन्न हुआ… जो जाना गया… जो बदल गया… जो शांत हुआ… और जो नहीं रहा… क्या उसमें कुछ प्रत्यक्ष दिखाई दे रहा है? “संखारनिरोधा विञ्ञाणनिरोधो…” इसे मान रहा हूँ? या इसी क्षण अपने अनुभव में कुछ दिखाई दे रहा है? कुछ न करना… केवल रहना… बहुत कुछ? ──────────────────── 🔔 CALL TO ACTION भगवान बुद्ध के प्रतित्यसमुत्पाद, विपश्यना और प्रत्यक्ष अनुभव की दिशा में ऐसे ही सहज श्रवण-अभ्यासों के लिए Arya Maitri Presence को Subscribe करें। यदि यह अभ्यास आपके अनुभव की जाँच में उपयोगी लगे, तो इसे विपश्यना साधकों, धम्म साधकों और अपने ध्यान समूह के साथ Share करें। अभ्यास के बाद Comment में निष्कर्ष देने के बजाय इस एक प्रश्न को अपने अनुभव में देखें— “जो करने की दिशा बनी… क्या मैंने उसे बनाया था, और क्या वह वैसी ही रही?” 🙏 स्वयं देखें… स्वयं जाँचें… ──────────────────── 🙏 स्वैच्छिक सहयोग | DONATION APPEAL Arya Maitri Presence के माध्यम से प्रतित्यसमुत्पाद और प्रत्यक्ष अनुभव की दिशा में ऐसे अभ्यास अधिक से अधिक साधकों तक निःशुल्क पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है। यदि यह प्रयास आपके लिए उपयोगी है और आप इसे आगे बढ़ाने में स्वेच्छा से सहयोग करना चाहें: UPI: 9860767339@ybl आपका सहयोग पूर्णतः स्वैच्छिक है। इस अभ्यास को सुनने या करने के लिए किसी भी प्रकार का दान आवश्यक नहीं है। 🙏 Arya Maitri Presence #SankharaNirodha #VinnanaNirodha #Sankhara #Vinnana #संस्कारनिरोध #विज्ञाननिरोध #Paticcasamuppada #Pratityasamutpada #DependentOrigination #Vipassana #BuddhaDhamma #Buddha #Dhamma #Nirodha #Anicca #DirectExperience #MeditationHindi #AryaMaitri #AryaMaitriPresence #VipassanaGS