न्याय और कानून - मंदिरों की संपत्ति पर कोर्ट का क्या है आदेश जाने माला दीक्षित से
Dainik Jagran - दैनिक जागरण
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मद्रास हाई कोर्ट ने मंदिरों के संरक्षण उनके रखरखाव मरम्मत और मंदिर की अचल संपत्तियों व जमीनों के संरक्षण के बारे में अहम फैसला सुनाया है। हाई कोर्ट ने कहा है कि मंदिर सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर भी होते हैं और उन्हें संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 में संरक्षण प्राप्त है। कोर्ट ने कहा है कि मंदिर की जमीन संस्था के हितों के खिलाफ उससे अलग नहीं की जा सकती यानी बेची या समाप्त नहीं की जा सकती। दाता ने जिस मंशा से दान दिया है उसे सरकार या आयुक्त की खुशी के लिए दूर नहीं किया जा सकता। दाता की इच्छा का महत्व सर्वोपरि है। इसे मंदिर के हितों के विरुद्ध कार्यकारी यानी सरकार की खुशी के लिए अनदेखा नहीं किया जा सकता। इतना ही नहीं हाई कोर्ट ने मंदिर के कर्मचारियों को वेतन में मिनिमम वेजेस एक्ट लागू करने का आदेश दिया है साथ ही कहा है कि ट्रस्टी सिर्फ राजनैतिक रसूकात से नहीं बन सकते। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने तमिलनाडु में मंदिरों की देखरेख, मरम्मत और संरक्षण के लिए 17 सदस्यीय हैरिटेज कमीशन गठित करने और मंदिरों की संपत्ति का स्वतंत्र आडिट कराने के अपने पूर्व आदेश को सही ठहराया है।