सब में एक ही चेतना है तो दुनियां में दुख क्यों है?/रविंद्र यादव
Sangam Vichardhara संगम विचारधारा
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सब में एक ही चेतना है तो दुनियां में दुख क्यों है?/रविंद्र यादव
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नमस्कार 🙏 🙏 🙏
क्या आपने कभी सोचा है — अगर सब एक ही चेतना है, तो दुनिया में इतना दुख क्यों है? अगर सब उसी का हिस्सा है, तो किसी को दर्द क्यों मिलता है? अगर सब एक हैं, तो यह टूटन, यह अकेलापन, यह डर कहाँ से आया?
इस वीडियो में अष्टावक्र गीता के गहरे रहस्य को खोला गया है — दुख किसका है, दुख कहाँ से आया, और क्या दुख सच में है या मन का भ्रम। जानिए कि कैसे अज्ञान ही दुख का कारण है, और कैसे जानने मात्र से दुख अपने आप मिट जाता है।
रावण का अहंकार, विभीषण का त्याग, जटायु का समर्पण, नचिकेता का प्रश्न — इन सबसे जुड़कर यह वीडियो आपको दुख के मूल तक ले जाएगा। और वहाँ आप पाएंगे — वह शांति जो सदा आपके भीतर थी।
यह वीडियो उनके लिए है जो दुख से जूझ रहे हैं, अकेलापन महसूस कर रहे हैं, या यह जानना चाहते हैं कि इस संसार में शांति कहाँ है।
वीडियो पूरा देखें। और अगर यह समझ आपके भीतर कुछ जगाए — तो कमेंट में बताइए।
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