Перейти к содержимому

ए रामतडी जोरावर रे, दीजे ठेक अंग वाली । रमतां सोभा अनेक धरिए, गाइए वचन कर चाली । । २ ।।

कुलजम स्वरूप वाणी चौपाइयां

0:00 / 0:00

ए रामतडी जोरावर रे, दीजे ठेक अंग वाली । रमतां सोभा अनेक धरिए, गाइए वचन कर चाली । । २ ।।

12 просмотров · 1 день назад
कुलजम स्वरूप वाणी चौपाइयां
39 подписчиков
12 просмотров · 1 день назад
हे सखियों! यह रामत बहुत ही प्रभावशाली है। इसमें अंगों को मरोड़कर पैरों से ताल देना है और कूदना है। इस खेल को खेलते समय तुम्हारी शोभा बहुत ही अनुपम हो जानी है। तुम्हें हाथो को चलाते हुए मधुर गीत भी गाने हैं । #parnami #pranami