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बृहत् पराशर होरा शास्त्र अध्याय 23 — दृक् बल एवं समग्र षड्बल | Shadbala Complete

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बृहत् पराशर होरा शास्त्र अध्याय 23 — दृक् बल एवं समग्र षड्बल | Shadbala Complete

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बृहत् पराशर होरा शास्त्र — अध्याय 23 षड्बल: दृक् बल एवं समग्र बल-निर्णय इस अध्याय के साथ षड्बल — ग्रह-बल के छह स्तम्भों का हमारा विस्तृत अध्ययन — पूर्ण होता है, जो बीसवें अध्याय से आरम्भ हुआ था। महर्षि पराशर मैत्रेय को दृक् बल का रहस्य समझाते हैं — अन्य ग्रहों की दृष्टि से प्राप्त अथवा क्षीण बल — और फिर छहों स्तम्भों को "रूप" की इकाई में जोड़कर, प्रत्येक ग्रह के लिए आवश्यक न्यूनतम बल के निर्णायक सिद्धांत को उजागर करते हैं। ⏱️ अध्याय के प्रमुख भाग (Timestamps): 00:00 परिचय 00:54 दृक् बल — दृष्टि से प्राप्त अथवा क्षीण बल 02:11 दृष्टियों की तीव्रता में अन्तर 03:14 ग्रह की अपनी शक्ति की भूमिका 04:10 अन्तिम दृक् बल की गणना 06:17 समग्र षड्बल — छहों स्तम्भों का समुच्चय 07:51 आवश्यक बल — न्यूनतम मापदण्ड 11:09 व्यावहारिक उपयोग 🕉️ यह मूल, स्वरचित कथा-वाचन है — महर्षि पराशर एवं उनके शिष्य मैत्रेय के संवाद के रूप में — बृहत् पराशर होरा शास्त्र के पारम्परिक विषयों पर आधारित। 📖 अगला अध्याय (24): विंशोपक बल — वर्ग-चार्टों में ग्रह की गुणात्मक शुद्धता मापने की एक भिन्न पद्धति। 🔔 पूरी शृंखला के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें और नोटिफिकेशन बेल दबाएँ। 🌐 अधिक जानकारी एवं दैनिक पंचांग के लिए देखें: astrojyotisha.com #होराशास्त्र #ज्योतिष #षड्बल #दृक्बल #वैदिकज्योतिष #BrihatParasharaHoraShastra #AstroJyotisha #VedicAstrology #Shadbala