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बेतिया राज जमीन पर बुलडोजर! किसान पूछता है-मेरे कागज कौन देखेगा? पहले मालिकाना हक या कब्जा?मत अभिमत

मत अभिमत

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बेतिया राज जमीन पर बुलडोजर! किसान पूछता है-मेरे कागज कौन देखेगा? पहले मालिकाना हक या कब्जा?मत अभिमत

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Bulldozer on Bettiah Raj land! The farmer asks-Who will see my papers? Ownership or possession first? #matabhimat बेतिया राज की जमीन पर बुलडोजर! किसान पूछता है-मेरे कागज कौन देखेगा? पहले मालिकाना हक या कब्जा? बेतिया राज की जमीन को लेकर पश्चिम चंपारण में हाय तौबा मची है। कहीं प्रशासनिक अमला जमीन पर पहुंच रहा है, कहीं कब्जा लेने की कार्रवाई की खबरें सामने आ रही हैं और दूसरी तरफ किसान हाथ में अपने कागज लेकर सवाल कर रहे हैं— “जमीन अगर सरकारी है तो हमारे कागजों की जांच कौन करेगा?” किसानों का कहना है कि उनके पास पुराने दस्तावेज, खतियान, जमाबंदी, रसीद और दूसरे कागजात हैं। लेकिन सबसे बड़ा डर यही है कि कहीं कार्रवाई से पहले उनके दावों और दस्तावेजों की पूरी सुनवाई न हो जाए। दूसरी तरफ सरकार का पक्ष भी महत्वपूर्ण है—अगर जमीन वास्तव में बेतिया राज/सरकारी भूमि है और उस पर अवैध कब्जा है, तो कानून के मुताबिक उसे वापस लेने की कार्रवाई हो सकती है। लेकिन यहां सबसे बड़ा कानूनी सवाल है— अगर मामला सिर्फ अतिक्रमण का नहीं बल्कि मालिकाना हक यानी TITLE का विवाद है, तो क्या केवल अतिक्रमण की संक्षिप्त कार्रवाई से मालिकाना हक का अंतिम फैसला किया जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट के फैसलों में वास्तविक और bona fide title dispute होने पर summary eviction की प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण सिद्धांत सामने आए हैं। तो फिर बेतिया राज की जमीन पर सवाल सिर्फ यह नहीं है कि जमीन सरकारी है या निजी? सवाल यह भी है— 👉 किसान के दस्तावेजों की जांच कैसे होगी? 👉 सरकारी रिकॉर्ड और निजी दस्तावेज में विरोधाभास हो तो फैसला कौन करेगा? 👉 क्या हर प्रभावित व्यक्ति को पर्याप्त सुनवाई का अवसर मिल रहा है? 👉 जहां वास्तविक मालिकाना विवाद है, वहां क्या उचित न्यायिक प्रक्रिया अपनाई जा रही है? 👉 और अगर किसान गलत है तो कार्रवाई हो—लेकिन अगर किसान सही निकला तो उसकी जमीन और वर्षों का कब्जा वापस कौन देगा? इसी पूरे मामले की पड़ताल “पार्षद पूछता है” में। क्योंकि बुलडोजर जमीन खाली करा सकता है... लेकिन मालिकाना हक का फैसला कानून और रिकॉर्ड से होना चाहिए। 💎💎💎 मत अभिमत मीडिया ग्रुप के चैनल पर आपका स्वागत है। ✅ राजनितिक विश्लेषण जिससे जुड़े हैं आपके जीवन के तार और खबरें ऐसी जो मजबूर कर देंगी आपको करने को विचार। कभी हँसते, कभी रुलाते, कभी आपको गुदगुदाते हमारे न्यूज़ का सिर्फ एक ही आधार - सोशल मीडिया पर चीखते झूठ के पुलिंदे के बीच से आपके लिए सच का खत- मत अभिमत। ✅ पत्रकारिता में 25 वर्षो का अनुभव आपसे साझा करते, श्री Rakesh Kumar , Senior Journalist (Ex प्रभात -खबर हिंदी , AB News , Outlook , चौथी दुनिया ) एंड एडिटर इन चीफ-मत अभिमत मीडिया ग्रुप। ✅ संविधान के चौथे स्तम्भ की मजबूती को आपके "मत अभिमत" से सींचता आपका अपना अल्टरनेटिव न्यूज़ मीडिया पोर्टल जो देगा आपको - मौका अपनी बातों को रखने का, हौसला अपनी समस्याओं से लड़ने का - आपके अपने चैनल मत अभिमत के प्लेटफार्म से। हमसे जुड़ने, अपनी क्षेत्र की किसी भी समस्या या अपने विचार हमसे साझा करने के लिए हमसे कांटेक्ट करें 👉 Email: matabhimattv@gmail.com 👉 Facebook:   / matabhimatmediagroup   👉 Contact: 94722 22211 डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Mat Abhimat इसकी पुष्टि नहीं करता है।