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शारदीय नवरात्रि 2026 पंचम दिवस | मां स्कंदमाता पूजा, मंत्र, आरती, कथा और महत्व

moti singh Rathore

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शारदीय नवरात्रि 2026 पंचम दिवस | मां स्कंदमाता पूजा, मंत्र, आरती, कथा और महत्व

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moti singh Rathore
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🌺🙏 शारदीय नवरात्रि 2026 - पंचम स्वरूप मां स्कंदमाता 🙏🌺 🔱 मां स्कंदमाता: मातृत्व, प्रेम, करुणा और संतान सुख की देवी 🔱 नवरात्रि के पांचवें दिन मां दुर्गा के पंचम स्वरूप मां स्कंदमाता की पूजा होती है। ये भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता हैं। 🌼 दिव्य स्वरूप: चार भुजाओं वाली, गोद में बालरूप स्कंद जी, दो हाथों में कमल, सिंह वाहिनी - शक्ति और मातृत्व का संगम। 🙏 पूजा का महत्व: परिवार में सुख-शांति और प्रेम संतान कल्याण और उज्ज्वल भविष्य विद्यार्थियों के लिए ज्ञान और एकाग्रता धैर्य, करुणा और सद्बुद्धि 🪔 मंत्र: मूल मंत्र: ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः॥ प्रार्थना: सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया। शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी॥ स्तुति: या देवी सर्वभूतेषु स्कन्दमाता-रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ विशेष: ॐ ऐं ह्रीं स्कन्दमातायै नमः॥ (11,21,108 बार) पूजा विधि: प्रातः स्नान, स्वच्छ वस्त्र, चौकी पर मूर्ति स्थापना, घी का दीपक, गणेश स्मरण, पुष्प-अक्षत-चंदन-रोली-चुनरी, केले/दूध/खीर का भोग, नवार्ण मंत्र - ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥ 📖 पौराणिक कथा: तारकासुर को वरदान था कि शिवपुत्र ही उसका वध करेगा। शिव-पार्वती पुत्र कार्तिकेय ने देवसेना का नेतृत्व कर तारकासुर का वध किया। स्कंद की माता होने से पार्वती स्कंदमाता कहलाईं। शिक्षा - प्रेम, त्याग, धैर्य और धर्म मार्ग। 🪔 आरती: जय तेरी हो स्कंदमाता, पांचवां नाम तुम्हारा आता... प्रार्थना: हे मां, परिवार में सुख-शांति, संतान को सद्बुद्धि, विद्यार्थियों को एकाग्रता और सभी को सेवा-त्याग-करुणा की शक्ति दो। 🌺 ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः॥ जय माता दी! 🌺 #ShardiyaNavratri2026 #Skandmata #NavratriDay5 #MaaDurga #Kartikeya #Matritva #bhakti #rathorebhinchari #jaishriram