Angraj Karna | अंगराज कर्ण | Hindi Rap | Ghor Sanatani
GHOR SANATANI
0:00 / 0:00
Angraj Karna | अंगराज कर्ण | Hindi Rap | Ghor Sanatani
14 913 просмотров · 10 мес. назад
GHOR SANATANI
203 тыс. подписчиков
14 913 просмотров · 10 мес. назад
#angrajkarna #rap #maharathi #mahabharat #ghorsanatani
“Angraj Karna„ is The 5th Track From Album - MAHARATHI . Its Lyrics Are Penned By Ghor Sanatani. Energetic Music 🎶 Produced By The ☝️ Ghor Sanatani . Performed By Ghor Sanatani Himself .
👏🏻Jai Shri Ram 👏🏻
🔥CREDITS :-
✍🏻Lyrics - Ghor Sanatani
🎤Rapper - Ghor Sanatani
🙌🏻Dialogues - Ghor Sanatani
🎵Music - Ghor Sanatani
🎚️Mix/Master - Kalii
🎬Lyrical Video - Sanatani2324
🔥Artwork And Thumbnail - OM
Ghor Sanatani Instagram Link 👇🏻
https://www.instagram.com/iamghorsana...
Ghor Sanatani Spotify Link 👇🏻
https://open.spotify.com/artist/5sLWe...
✍🏻LYRICS👇🏻
माँ आपको अपने पाँचों पुत्रों की तो चिंता है किंतु छठवें की नहीं । जाओ मैं कर्ण आपको वचन देता हूँ की मैं अर्जुन के अलावा आपके अन्य और किसी पुत्र पर वार नहीं करूँगा । यदि मैं जीवित बचा तो भी आपके पाँच पुत्र रहेंगे और यदि अर्जुन ने मुझे मार दिया तो भी आपके पाँच पुत्र ही रहेंगे ।
मैं महाधानुर्धार सूर्यपुत्र मैं राधेय मैं अंगराज
मैं वही दानवीर जिससे भीख माँगने आये देवराज
कर्ण -
मैं सूर्यदेव का अंश हूँ जब
क्यों सूतपुत्र मुझे कहते रहे
मेरे पिता अधिरथ माता राधे
भी हँसके पीड़ा सहते रहे
मुझे पैदा करके बहा दिया
तुमने ओ मेरी मईया
किंतु मेरी पलकों से अश्रु
हर दिन हर पल बहते रहे
मेरी विद्या का अपमान हुआ
मेरी जात को सबने देखा
मैंने ख़ंजर से तक़दीर की अपने
हाथो में खींची रेखा
मुझे मौत मिली भी एसी की
अपने अनुज के हाथो
ये कैसा खेल रचाया भगवन
कैसा तेरा लेखा
कर्ण -
मैंने विद्या पाई प्रशुराम से
रण में बैठा भूल
मानो मेरे रथ के पहियों को
जकड़ बैठी थी धूल
मेरे कवच कुण्डल भी दान लिए
मैंने हस्ते हस्ते प्राण दिये
जा माता सदा तू रहे हस्ती
तेरे पुत्रों के जीवन दान दिये
इस मिट्टी में ही जन्म लिया
इस मिट्टी में मिल जाऊँगा
कभी बूँदे गिरेंगी आसमान से
बनके कली खिल जाऊँगा
माँ जिसके साथ में केशव हो
वो युद्ध हार नहीं सकता
किंतु मैं भी मर जाऊँगा
प्रराजय स्वीकार नहीं सकता
कर्ण - हे माधव क्या मेरे सामर्थ्य का परिचय कभी नहीं हो पायेगा ?
श्री कृष्ण - अंगराज आपके रथ का पहिया भूमि में धँस गया है और भगवान परशुराम के श्राप के कारण आप अपनी विद्या भूल बैठे है । एसे अवसर का फ़ायदा उठाकर यदि आपका वध करना पड़ रहा है । क्या यें आपके सामर्थ्य का परिचय नहीं अंगराज । आप एक महान योद्धा है बस आपने अधर्म का साथ चुना । किन्तु ये संसार युगों युगों तक आपकी कीर्ति का गुणगान करता रहेगा ।
कर्ण - चलता हूँ माधव आज्ञा दीजिए ।
श्री कृष्ण - कीर्तिमान भव: