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Gurugram बना कंक्रीट का जंगल, पानी का रास्ता हुआ बंद | Ground Report

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Gurugram बना कंक्रीट का जंगल, पानी का रास्ता हुआ बंद | Ground Report

11 173 просмотра · 3 дня назад
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#Gurugram में बारिश के साथ ही जलभराव हो जाना अब कोई नई बात नहीं रह गई है. हर साल तेज बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों समेत सड़कें और गलियां पानी में डूब जाती हैंं. बारिश होते ही कई इलाकों की सोसायटीज़ के पास शिकायतों का सिलसिला शुरू हो जाता है. पिछले कुछ दशकों में गुरुग्राम का तेजी से शहरीकरण हुआ है. आबादी बढ़ने के साथ शहर का लैंडस्केप भी बदल गया है. जिन तालाबों, वेटलैंड और खुले इलाकों में बारिश का पानी जमा होकर जमीन में जाता था, वहां अब कंक्रीट का विस्तार हो चुका है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, तेजी से हुए शहरीकरण के दौरान गुरुग्राम ने करीब 389 वाटरबॉडीज और कई खुले स्थान खो दिए. अगस्त, 2025 में संसद में दिए गए एक जवाब से यह भी पता चलता है कि गुरुग्राम की भौगोलिक स्थिति जलभराव को समझने में अहम है. एक ओर अरावली की पहाड़ियां हैं और दूसरी ओर नजफगढ़ ड्रेन. दोनों के बीच करीब 78 मीटर का ऊंचाई का अंतर है, जिससे बारिश के पानी के प्राकृतिक बहाव का रास्ता बनता है. चकरपुर, झारसा, वजीराबाद और घाटा जैसे बांध इस पानी के बहाव को में मदद करते थे लेकिन तेजी से हुए शहरीकरण के साथ इस प्राकृतिक ड्रेनेज सिस्टम पर भी दबाव बढ़ता गया. जलभराव से निपटने के लिए गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी और नगर निगम गुरुग्राम ने कई इंतजाम किए हैं. करीब 544 किलोमीटर लंबे नालों की सफाई, 141 भारी क्षमता वाले पंप और 77 संक्शन टैंकर लगाए गए हैं. इसके अलावा नालों की मरम्मत, सफाई और कुछ प्रमुख नालों को चौड़ा करने का काम भी किया जा रहा है. लेकिन तेज बारिश के दौरान कई इलाकों में जलनिकासी की व्यवस्था अब भी सवालों के घेरे में आ जाती है. पूर्व आरडब्ल्यूए सदस्य अशोक यादव बताते हैं, “उनके इलाके में बाहर से पानी रोकने के लिए गेट और स्पीड ब्रेकर जैसे इंतजामों से कुछ राहत मिली है, लेकिन जलभराव की शिकायतें अभी भी बड़ी संख्या में आती हैं. उनके मुताबिक, करीब 300 घरों और नौ लेन वाले पूरे पॉकेट में बारिश के बाद 20 से 30 शिकायतें आना आम बात है.” अर्बन प्लानर निधि बत्रा ने भी कहा कि मास्टर प्लान जमीन पर सही तरीके से लागू नहीं हुआ है. हर छोटी-बड़ी जरूरत के लिए सड़कें खोदी जाती हैं. कभी पानी की पाइपलाइन डालने के लिए, कभी बिजली के काम के लिए और कभी किसी और काम के लिए. इसकी वजह से सड़कों पर बार-बार खुदाई होती रहती है, जिससे जलभराव की समस्या भी बढ़ जाती है. हमने इस बारे में गुरुग्राम नगर निगम विभाग को भी सवाल भेजे. हालांकि, ख़बर प्रकाशित किए जाने तक हमें कोई जवाब नहीं मिला. देखिए ये वीडियो. ₹1947 में 1947 वाली आज़ादी दीजिए : https://rzp.io/rzp/nl-1947 सब्सक्राइब करें : https://rzp.io/rzp/nlsm 'हवा का हक़' कैंपेन से जुड़िए : https://rzp.io/rzp/T4Ob0FCb अन्य सभी अपडेट्स के लिए डाउनलोड करें न्यूज़लॉन्ड्री एप : https://www.newslaundry.com/download-app न्यूज़लॉन्ड्री हिंदी के व्हाट्सएप चैनल से जुड़ें : https://whatsapp.com/channel/0029Va5n... न्यूज़लॉन्ड्री हिंदी से आप इन सोशल मीडिया चैनल्स पर भी जुड़ सकते हैं- व्हाट्सएप: https://chat.whatsapp.com/K2XFgEKcC0V... फेसबुक:   / newslaundryhindi   ट्विटर:   / nlhindi   इंस्टाग्राम:   / newslaundryhindi