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हिमगिरि पर भोर | Himgiri Par Bhor Lyrics | शिव भजन | शिव जी के भजन न्यू | घर सत्संग

घर सत्संग

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हिमगिरि पर भोर | Himgiri Par Bhor Lyrics | शिव भजन | शिव जी के भजन न्यू | घर सत्संग

22 просмотра · 8 дн. назад
घर सत्संग
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हिमालय की पहली किरण के साथ भोले बाबा को जगाती एक शांत प्रभाती 🙏 Subah ki shaant shuruaat ke liye shiv bhajan sunaye is naye prabhati geet mein, jo dil ko sukoon deta hai. इसे रोज़ सुबह सूर्योदय के समय सुनें और मन को शांति व भक्ति से भर लें। 🎵 भजन के बोल (Lyrics): हिमगिरि पर पहली किरण उतर आई देवदार की छाँव में भोर हुई नंदी जागा और बजी घंटी नई बर्फ़ पिघलकर नदिया बनकर बही जागो शंभु, अब रात रही नहीं जागो जागो शंभु, हे कैलाश के वासी भोर हुई अब, मिट गई उदासी डमरू की धुन से सारा दिन जगे हर घर आँगन में बस शांति रहे गौरा ने चौखट पर दीप जलाया चाँदी की थाली में बेलपत्र सजाया ठंडे जल की धार तुझे चढ़ाऊँ नीलकंठ को भोर का गीत सुनाऊँ ऊँचे पर्वत जागे, जागा सारा गाँव भस्म रमाए, कितनी शीतल तेरी छाँव त्रिशूल तेरा सब संकट हर लेता रुद्राक्ष सा मन शांत कर देता जागो जागो शंभु, हे कैलाश के वासी भोर हुई अब, मिट गई उदासी डमरू की धुन से सारा दिन जगे हर घर आँगन में बस शांति रहे शिव शिव बोलो, हर मन शांत रहे 🙏 घर सत्संग पर हर दिन नए भजन, आरती और मंत्र। चैनल को सब्सक्राइब करें और 🔔 दबाएँ। 📚 Books aapki poori family ke liye: https://gharsatsang.in/shop #ShivBhajan #ShivaAarti #PrabhatiBhajan #GharSatsang