पीपरामूल के औषधीय गुण pipramul(ganthoda)benefits(પીપળી મૂળ-ગંઠોળા)DR HITESH JANI(Dr green Ayurvedic)
BharAt Gojiya
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पीपरामूल के औषधीय गुण pipramul(ganthoda)benefits(પીપળી મૂળ-ગંઠોળા)DR HITESH JANI(Dr green Ayurvedic)
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क्या आपको पता है कि पीप्पली (Long pepper) क्या चीज है? उम्मीद है कि आप इसके बारे में बिल्कुल नहीं जानते होंगे, क्योंकि अधिकांश लोगों को पिप्पली के बारे में जानकारी ही नहीं है कि पिप्पली क्या है, पिप्पली का उपयोग किस काम में किया जाता है, या पीपली के फायदे क्या-क्या हैं? पतंजलि के अनुसार, पिप्पली के इस्तेमाल से आप एक-दो या तीन नहीं बल्कि अनेक रोगों का इलाज कर सकते हैं।
यहां पिप्पली (Pippali plant) के औषधीय गुण से होने वाले सभी लाभों की जानकारी दी जा रही है। इस जानकारी को पाकर आप ना सिर्फ कई रोगों की रोकथाम कर सकते हैं, बल्कि अनेक रोगों का इलाज भी कर सकते हैं। आइए पिप्पली के फायदे के बारे में जानते हैं।
पिप्पली क्या है? (What is Pippali in Hindi?)
पिप्पली एक जड़ी-बूटी है। आयुर्वेद में पिप्पली की चार प्रजातियों के बारे में बताया गया है, लेकिन व्यवहार में छोटी और बड़ी दो प्रकार की पिप्पली ही आती हैं। पिप्पली की लता भूमि पर फैलती है। यह सुगन्धित होती है। इसकी जड़ लकड़ी जैसी, कड़ी, भारी और शयामले रंग की होती है। जब आप इसे तोड़ेंगे तो यह अन्दर से सफेद रंग की होती है। इसका स्वाद तीखा होता है।
पिप्पली के पौधे (Pippali plant) में फूल बारिश के मौसम में खिलते हैं, और फल ठंड के मौसम में होते हैं। इसके फलों को ही पिप्पली (पीपली ) कहते हैं। बाजार में इसकी जड़ को पीपला जड़ के नाम से बेचा जाता है। जड़ जितना वजनदार व मोटा होता है, उतना ही अधिक गुणकारी माना जाता है। बाजार में जड़ के साथ-साथ गांठ आदि भी बेची जाती है।
अन्य भाषाओं में पिप्पली के नाम (Name of Pippali in Different Languages)
पिप्पली का वानस्पतिक नाम पाइपर लांगम (Piper longum Linn.) है और यह पाइपरेसी (Piperaceae) कुल से है। पिप्पली के अन्य ये नाम भी हैंः-
दांतों के रोग में पीपली के औषधीय गुण से फायदा (Maricha Herb Benefits for Dental Disease in Hindi)
दांतों के रोग के इलाज के लिए 1-2 ग्राम पीपली चूर्ण में सेंधा नमक, हल्दी और सरसों का तेल मिलाकर दांतों पर लगाएं। इससे दांतों का दर्द ठीक होता है।
पीप्पली चूर्ण (pippali churna)में मधु एवं घी मिलाकर दांतों पर लेप करने से भी दांत के दर्द में फायदा (pipali ke fayde)होता है।
3 ग्राम पिप्पली चूर्ण में 3 ग्राम मधु और घी मिलाकर दिन में 3-4 बार दाँतों पर लेप करें। इससे दांत में ठंड लगने की परेशानी में लाभ (benefits of long) मिलता
किसी व्यक्ति को जबड़े से संबंधित परेशानी हो रही हो तो
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