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Astavakra Gita by Osho part 2 | Original and unfiltered

Swami Anand Satyen

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Astavakra Gita by Osho part 2 | Original and unfiltered

539 просмотров · 3 месяца назад
Swami Anand Satyen
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क्या मुक्ति कोई भविष्य की उपलब्धि है या हमारी वर्तमान वास्तविकता? अष्टावक्र गीता के इस दूसरे भाग में हम और गहराई से प्रवेश करते हैं उस अद्वैत ज्ञान में, जहाँ अष्टावक्र राजा जनक को बताते हैं कि दुःख का कारण संसार नहीं, बल्कि हमारी गलत पहचान है। जब मनुष्य स्वयं को शरीर और मन से अलग जान लेता है, तभी वास्तविक स्वतंत्रता का अनुभव होता है। इस भाग में जानिए: ✨ मैं कौन हूँ? ✨ साक्षीभाव का वास्तविक अर्थ ✨ मन और चेतना में अंतर ✨ बंधन कैसे पैदा होते हैं? ✨ आत्मज्ञान की दिशा में अगला कदम ओशो की सहज, गहरी और क्रांतिकारी दृष्टि से अष्टावक्र गीता के इन सूत्रों को समझना केवल बौद्धिक ज्ञान नहीं, बल्कि एक आंतरिक अनुभव की यात्रा है। यदि आप ध्यान, आत्मबोध, साक्षीभाव, अद्वैत वेदांत और आध्यात्मिक जागरण में रुचि रखते हैं, तो यह श्रृंखला आपके जीवन में एक नया आयाम जोड़ सकती है। 🙏 वीडियो पसंद आए तो Like, Share और Subscribe अवश्य करें और इस श्रृंखला के अगले भागों के लिए जुड़े रहें। "जिस क्षण तुम स्वयं को साक्षी जान लेते हो, उसी क्षण मुक्ति का द्वार खुल जाता है।" #AstavakraGita #Osho #Spirituality #Meditation #SelfRealization #AdvaitaVedanta #HindiSpirituality