जयराम भाई कंसारा जी के वंशज भोलू भाई (सतना) जी द्वारा बीतक की चौपाइयों की अनुपम रचना
Shri Prannath Ji Vani
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जयराम भाई कंसारा जी के वंशज भोलू भाई (सतना) जी द्वारा बीतक की चौपाइयों की अनुपम रचना
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Shri Prannath Ji Vani
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💖 हमारे श्री कृष्ण प्रणामी निजानंद परिवार में विद्वानों की कोई कमी नहीं… आवश्यकता है तो बस उनकी प्रतिभा को सामने लाने की। इसी कड़ी में दीपबंदर के जयराम भाई कंसारा जी के वंशज भोलू भाई (सतना) जी की सुंदर सेवा मन को छू लेने वाली है। भोलू भाई जी द्वारा बीतक की चौपाइयों की यह अनुपम रचना उनकी गहरी वाणी-समझ और साहित्यिक प्रतिभा की सुंदर झलक है और सबसे सुंदर बात—इतनी प्रतिभा होते हुए भी विनम्रता के साथ श्री प्राणनाथ जी वाणी Zoom में अपनी कुछ रचनाएँ सुनाते हुए। देवेन्द्र भाई जी द्वारा उनको ज़ूम पर लाने की सेवा के लिए खूब-खूब आभार।
🌺 हमारे बीच छिपे रत्नों को पहचानें, उन्हें सुनें, सराहें और आगे आने का अवसर दें। आइए, ऐसी सेवाओं को प्रोत्साहित करें और प्रणामी जगत की ज्ञान, साहित्य और भाव की इस समृद्ध धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुँचाएँ।
🙏🏻🌷 प्रेम प्रणाम जी। 🌷🙏🏻