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Sst class 7 history chepter 4 ||Mugal|| part 3 ||मुगल प्रशासनिक व्यवस्था|| ||मनसबदारी, जागीरदारी||

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Sst class 7 history chepter 4 ||Mugal|| part 3 ||मुगल प्रशासनिक व्यवस्था|| ||मनसबदारी, जागीरदारी|| मुगल प्रशासनिक व्यवस्था एक केंद्रीयकृत, सुव्यवस्थित और सैन्य शक्ति पर आधारित शासन प्रणाली थी, जिसका सर्वोच्च अधिकारी सम्राट होता था। इस व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रशासन को केंद्रीय, प्रांतीय और स्थानीय स्तरों में बांटा गया था, जिसमें मनसबदारी, जागीरदारी और ज़ब्ती (राजस्व) प्रणालियों की मुख्य भूमिका थी प्रमुख प्रशासनिक प्रणालियाँ मनसबदारी प्रथा: सैनिकों और अधिकारियों की रैंक (पद) और जात-सवार तय करने की सैन्य-नागरिक प्रशासनिक व्यवस्था। ज़ब्ती प्रणाली: राजा टोडरमल द्वारा विकसित वैज्ञानिक भूमि पैमाइश और लग निर्धारण की राजस्व प्रणाली। केंद्रीय प्रशासन (Central Administration) वकील / वजीर: साम्राज्य का प्रधानमंत्री या प्रमुख मंत्री, जो वित्त और राजस्व का काम देखता था। दीवान (अथवा दीवान-ए-कुल): वित्त और राजस्व विभाग का सर्वोच्च अधिकारी। मीर बख्शी: सैन्य विभाग, सैनिकों के वेतन वितरण और मनसबदारों के निरीक्षण का प्रमुख। सद्र-उस-सुदूर: धार्मिक मामलों, दान और वजीफे का प्रभारी। काजी-उल-कुजात: मुख्य न्यायाधीश जो न्याय विभाग का प्रधान था। #geography #biharboard #history #biharboardexam #scert9thclass #scerthistory Chepter 0:00 Intro 0:50 Question 03:13 मुग़ल शासक 05:25 मनसबदारी / मनसब 06:05 जात और सवार 06:30 जागीरदार 07:25 मनसब का अर्थ with example 10:32 जात और सवार with example 13:40 जागीर का परिभाषा