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युवाचार्य भगवन ए धरती फिर गुरु चरणां दीआहट महसूस करें सुल्तानपुर पंजाब

kamla choudhary

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युवाचार्य भगवन ए धरती फिर गुरु चरणां दीआहट महसूस करें सुल्तानपुर पंजाब

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kamla choudhary
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पंजाब दी मिट्टी की सौंधी खुशबू… और स्मृतियों में फिर जीवंत हुआ गुरु-सान्निध्य सुल्तानपुर श्रीसंघ का प्रतिनिधिमंडल जब युवाचार्य भगवंत श्री महेन्द्र ऋषिजी म. के समक्ष पहुँचा, तो विनती केवल शब्दों में नहीं थी उसमें पंजाब दी मिट्टी दी खुशबू, पुरानी यादां दा अपनापन और गुरु-परंपरा की आत्मीय गरमाहट साथ चली आई। भावों के बीच आचार्य भगवंत आनन्द बाबाकी स्मृतियाँ भी जैसे फिर से सजीव हो उठीं वो सान्निध्य, वो अपनापन, वो पुराना नाता… और सुल्तानपुर से जुड़ी वह सौंधी स्मृति, जो समय बीत जाने के बाद भी मन से नहीं उतरती। इन्हीं भावों के साथ एक सच्ची अरदास ...“भगवंत… एक वार सुल्तानपुर जरूर पधारो,..ए धरती फिर गुरुचरणां दी आहट महसूस करे,..ते पंजाब दी मिट्टी दी ओही सौंधी खुशबू फिर पुराणियां यादां नूं जीवंत कर दे…” यह चातुर्मास की विनती नहीं यह पुराने गुरु-संबंध की वह पुकार थी,जिसमें स्मृति भी थी, श्रद्धा भी और पंजाब की मिट्टी का अपनापन .. कुछ मिट्टियाँ कदमों के निशान संभालकर रखती हैं…कुछ यादें समय से पुरानी होकर भी ताज़ा रहती हैं…और कुछ विनतियाँ आवाज़ से नहीं सीधे दिल से उठती हैं....🙏✍️ आनन्द अनुभूति वर्षावास शांतिभवन, भीलवाड़ा