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₹200 में अनलिमिटेड थाली, फिर भी घाटा क्यों नहीं? असली हिसाब

Business Ki Baat

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₹200 में अनलिमिटेड थाली, फिर भी घाटा क्यों नहीं? असली हिसाब

26 просмотров · 8 дн. назад
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₹200 में अनलिमिटेड थाली, फिर भी होटल वाला घाटे में क्यों नहीं जाता? इस वीडियो में हम हुकुमचंद के थाली भोजनालय की रसोई में चलते हैं और एक-एक रुपये का असली हिसाब देखते हैं। बहुत ज़्यादा खाने वाले पिंटू जैसे ग्राहक पर होटल को असल में कितना घाटा होता है? और कितने कम खाने वाले ग्राहक उसकी भरपाई कर देते हैं? और वह कौन सी चीज़ है जो इस धंधे को सच में डुबो सकती है? जवाब आसान हिंदी में, एक कहानी के साथ। ⏱️ चैप्टर: 00:00 पिंटू, हुकुमचंद और तीन सवाल 01:00 थाली में क्या सस्ता, क्या महँगा 02:15 ₹200 में से GST और रोज़ की कमाई 03:15 तीन तरह के ग्राहक और पिंटू का हिसाब 05:15 वह खाना जो पेट में नहीं गया (वेस्टेज) 06:15 रसोई के बाहर के खर्चे 07:15 मुनाफ़े का असली आँकड़ा 08:15 125 थाली का ब्रेक-ईवन और घाटा कब होता है 09:45 असली दुश्मन: वेस्टेज 11:00 वेस्टेज कैसे रोकते हैं 12:00 हमारे लिए 5 सबक 📌 ध्यान दें: इस वीडियो के पात्र, भोजनालय और सारे आँकड़े काल्पनिक उदाहरण हैं, जो सिर्फ़ बिज़नेस मॉडल समझाने के लिए बनाए गए हैं। असली होटलों की लागत और नियम अलग हो सकते हैं। यह निवेश या वित्तीय सलाह नहीं है। 🔔 "खानदानी पैसा" चैनल को सब्सक्राइब करें और बेल आइकन दबाएँ। 💬 कमेंट में बताइए: अगले वीडियो में आप किस चीज़ के पीछे का हिसाब जानना चाहते हैं? #अनलिमिटेडथाली #असलीहिसाब #बिज़नेसमॉडल #खानदानीपैसा #KhandaniPaisa #हिंदीफ़ाइनेंस #हिंदीबिज़नेस #पैसेकीबातें #बिज़नेससीखो #पैसासीखो