की तनख्वाह कली—पर कोई बागान मेंआया ही नही
न्याय की कहानियाँ (My decision)
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की तनख्वाह कली—पर कोई बागान मेंआया ही नही
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न्याय की कहानियाँ (My decision)
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असम के एक चाय बागान मेंपेरोल क्ललदास को सबहु तक मजदरी ू जारी करनी है, तभी बकैं फाइल मेंते ईसऐसेनाम
लतेहैंनकी न खेत मेंहारी है, न तोी गई पत्ती का वजन। कॉएक भरोसेमंद मै नेजर और खदलकी परानी ु ु
ढील तक पहुँचतेहैं।
मामला चोरी का नहीं रहताक्योंउसी रकम का एक , स्सा उन घायल मजदरों ू तक पहुँचा न्हेंआकाक
व्यवस्था नेसमय पर सहायता नहीं दी। यह मौक कहानी सरत जाँच, मजदरी ू की गमा और उस फकी हैजो मदद
ुतथा गुप्त यंत्रण मेंहोता है