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मंदिर जाए, घाट भी जाए... | Heart Touching Kabir Bhajan | मन में प्रेम जगा ले मनवा

Divine Bhakti Vibes

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मंदिर जाए, घाट भी जाए... | Heart Touching Kabir Bhajan | मन में प्रेम जगा ले मनवा

1 705 просмотров · 2 недели назад
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राम और भक्ति का सच्चा अर्थ केवल मंदिर या तीर्थों में भटकने में नहीं, बल्कि अपने मन के मैल को धोकर प्रेम का दीप जलाने में है। संत कबीर जी के निर्गुण विचारों से प्रेरित यह भक्ति भजन हमें अपनी आत्मा को निर्मल करने का मार्ग दिखाता है। अगर यह भजन आपके हृदय को छू जाए, तो वीडियो को लाइक, शेयर और चैनल को सब्सक्राइब ज़रूर करें! 📜 Lyrics (बोल): [Intro – Bansuri + Ektara] माथे चंदन, हाथ में माला, मनवा फिर भी उदास… द्वारे-द्वारे क्यों भटके रे, राम तो तेरे पास… [Hook] मंदिर जाए, घाट भी जाए, तीरथ करे हजार… मन का मैल न धुल पाए तो, कैसे मिले करतार… मंदिर जाए, घाट भी जाए, ढूँढे चारों धाम… मन में प्रेम जगा ले मनवा, वहीं मिलेंगे राम… [Verse 1] कंकर-पत्थर जोड़ के मनवा, मंदिर खूब सजाए… प्रेम बिना सूना है आँगन, राम कहाँ से आए… माला फेरे, दाना गिने रे, गिने न मन की चाल… मुख पर मीठे राम-राम रे, भीतर उठे बवाल… [Pre-Hook] एक बार तू मन को देख ले, कहाँ छुपा अँधियार… मन में प्रेम का दीप जला ले, वहीं मिले करतार… [Hook] मंदिर जाए, घाट भी जाए, तीरथ करे हजार… मन का मैल न धुल पाए तो, कैसे मिले करतार… [Verse 2] दूजे की गलती गिनता जाए, अपनी सुधि न ले… जग को रोज़ सुधारने निकला, मन को कौन सहे… क्रोध की गठरी बाँध के बैठा, कहे भजन दिन-रात… मन निर्मल बिन कैसे मनवा, हरि से होगी बात… [Bridge] ना काशी में… ना काबा में… ना दूर किसी धाम… जिस मन में प्रेम जगा रे, वहीं बसे भगवान… मन ही गंगा… मन ही जमुना… मन ही चारों धाम… मन की मैल उतर जाए जब, हर साँस बने राम… [Final Hook] मंदिर जाए, घाट भी जाए, तीरथ करे हजार… मन का मैल न धुल पाए तो, कैसे मिले करतार… कंकर-पत्थर जोड़ के मनवा, मंदिर खूब सजाए… प्रेम बिना सूना है आँगन, राम कहाँ से आए… एक बार तू मन को देख ले, कहाँ छुपा अँधियार… मन में प्रेम का दीप जला ले, वहीं मिले करतार… [Outro] माला फेर… मन को फेर… छोड़ दे झूठा मान… मन में प्रेम का दीप जला ले… वहीं मिले भगवान… वहीं मिले… करतार… 🎵 Song Credits: Song: Mandir Jaye Ghat Bhi Jaye (Nirgun Bhajan) Theme & Concept: Inspired by Kabir Das Ji Music Style: Acoustic Folk (Bansuri & Ektara) #KabirBhajan #NirgunBhajan #BhaktiSong #RamBhajan #DevotionalSong #KabirKeDohe #SpiritualMusic #HindiBhajan