Перейти к содержимому

Allahabad to Chitrakoot Road Trip | इलाहाबाद से चित्रकूट यात्रा

PK Pramas

0:00 / 0:00

Allahabad to Chitrakoot Road Trip | इलाहाबाद से चित्रकूट यात्रा

7 291 542 просмотра · 8 л. назад
PK Pramas
2,37 млн подписчиков
7 291 542 просмотра · 8 л. назад
प्रतापगढ़ हब पर कुछ महीनों पहले एक वीडियो डाला था मैंने, जिसमें प्रतापगढ़ से इलाहाबाद तक एक सड़क यात्रा का फिल्मांकन किया गया था दरअसल वह वीडियो इस वीडियो का पहला भाग माना जा सकता है क्योंकि अगर आप प्रतापगढ़ से चित्रकूट की यात्रा पर निकलते हैं तो आपके पास दो ही रास्ते हैं चित्रकूट पहुंचने के। पहला- प्रतापगढ़ से आप इलाहाबाद नैनी पुल तक पहुंचे फिर उसके बाद शंकरगढ़ होते हुए कर्वी और चित्रकूट दूसरा रास्ता सोरांव से नेशनल हाईवे-२ के द्वारा भरवारी से राजापुर होते हुए भी चित्रकूट पहुंच सकते हैं यह रास्ता थोड़ा छोटा है पर अगर आपको कहीं पर पहुंचने की जल्दी ना हो तो इस बात की परवाह करना अर्थहीन हो जाता है कि कौन सा रास्ता लंबा है कौन सा छोटा आप हमेशा उस रास्ते को चुनते हैं जो ज्यादा रोमांच पैदा करें जो आपकी भावनाओं को चरम तक ले जाए जीवन में बहुत सारी घटनाएं पहली बार घटती हैं बहुत सारी चीजें हम पहली बार देखते हैं, करते हैं, वह पहली बार का अनुभव कुछ ऐसा होता है कि आपके दिमाग में हमेशा के लिए अंकित हो जाता है । पहली बार का प्रत्येक अनुभव आपके दिमाग में जिस स्मृति का निर्माण करता है आप पूरी जिंदगी हमेशा उसे फिर से जीने के लिए भागते फिरते हैं। हम मेहनत करते हैं पैसा कमाते हैं सिर्फ इसलिए ताकि हम अपने बचपन को एक बार फिर से जी सकें। इस तरह से स्मृतियों के पीछे भागते हुए पूरी जिंदगी गुजार देना यह भी जिंदगी जीने का एक तरीका है। मैंने पहाड़ों को कभी tv पर देखा कभी अखबारों में छपे हुए फोटो में तो कभी किसी फिल्म में गाने के बैकग्राउंड में हसीन वादियों के रूप में…... लेकिन जब पहली बार इसी रोड से गुजरते हुए मेरी नजर इन हरे-भरे पर्वतों पर गई उस वक्त जो मुझे महसूस हुआ काश के ऐसा कोई माध्यम होता कि मैं अपनी उन भावनाओं को आप तक पहुंचा सकता । काश की कोई टाइम मशीन होती और मैं उस में बैठकर फिर से उन पलों को जी पाता पहली बार का एहसास दोबारा नहीं हो पाता । लेकिन हम बार-बार कोशिश करते हैं उस एहसास को महसूस करने की इन वीरान रास्तों पर गुजरते हुए इक्का-दुक्का गाड़ियां जब आपको क्रॉस करते हुए पीछे निकल जाती हैं मन में तरह-तरह के ख्याल आने लगते हैं दिल करता है कि इस मशीनी दुनिया से अलग-थलग होकर इन वीरान पहाड़ों के बीच में एक छोटा सा घर बना कर एकांत में पूरी जिंदगी जी ली जाए…... फिर भौतिकता में फंसा हुआ यह मस्तिष्क आपके अंतर विचारों पर एक थप्पड़ का प्रहार करता है और आपका मस्तिष्क झनझनाते हुए वास्तविकता में वापस लौट आता है…... तब आपको पहली बार बंधनों का एहसास होता है परिवार का बंधन, समाज का बंधन और मैं आप लोगों के लिए वीडियो बनाता हूं यह भी तो एक बंधन है फिर दिमाग में एक अंतिम विचार जन्म लेता है कि जब तक शरीर स्वस्थ है हाथ पैर चल रहे हैं दिमाग सोच पा रहा है आंखें देख पा रही हैं तब तक क्यों ना कुछ ऐसा रच लिया जाए जो पूरी जिंदगी विशेष रुप से वृद्धावस्था के दौरान आपको फिर से इन स्मृतियों की याद दिलाता रहें सच कहूं तो यह वीडियो मैं आपके लिए नहीं बल्कि अपने लिए बना रहा हूं ताकि आज से 30-40 साल बाद जब मैं किसी हॉस्पिटल के बीएड पर लेटा रहूँगा तब इन दृश्यों को दोबारा देखकर फिर से इन पलों को जी सकूंगा। और देखिए समय कितनी तेजी से गुजरता है बातों बातों में हम लोग हनुमान धारा तक जाने के लिए उस तिराहे पर आ जाते हैं जिसका एक मोड़ आपको हनुमान धारा तक ले जाता है लेकिन उसके बाद आप सीढ़ियों के द्वारा ऊपर पहुंचते हैं इससे मैं कई बार जा चुका हूं Google मैप पर जब मैंने ढूंढा तब इस नए रास्ते के बारे में पता चला सोचा क्यों ना इसे आजमा लिया जाए और बस फिर Bolero की स्टेरिंग घूम गई। आज पहली बार मैं हनुमान धारा तक बिना सीढ़ियां चढ़े पहुंचने के लिए निकल पड़ा बीच में लगा कि मैंने गलती कर दी क्योंकि पत्थरों से बनी हुई पगडंडियां मेरे हिम्मत को तोड़ रही थी मुझे डरा रही थी…... लेकिन चलते चलते जल्द ही एक छोटी सड़क ने फिर से हिम्मत बांध दी। और उस सड़क पर आगे बढ़ते हुए कुछ ही देर में हम पहुंच गए हनुमान धारा के शीर्ष पर सीता रसोई यहां आने के बाद नीचे का दृश्य देखकर मंत्रमुग्ध हो जाना स्वाभाविक है अब मैं अपने शब्दों को विराम देता हूं और मैं चाहता हूं कि आप भी घर बैठे-बैठे हनुमान धारा के दर्शन कर लीजिए और प्रकृति के शानदार नजारे को देखकर बस महसूस कीजिए । कुछ सोचने और समझने की आवश्यकता नहीं है। यह भाग-1 है। भाग-2 बनाने के लिए मुझे पूरी रात किसी होटल में गुजारना पड़ेगा। कल सुबह होते ही हम चित्रकूट के दर्शन के लिए निकल पड़ेंगे उसमें राम घाट, सती अनुसूइया, गुप्त गोदावरी, कामतानाथ पहाड़ी की परिक्रमा व लक्ष्मण पहाड़ी के साथ चित्रकूट के प्रमुख स्थलों का विस्तृत भ्रमण कराउंगा। Chitrakoot district is one of the districts of Uttar Pradesh state of India, and Chitrakoot town is the district headquarters. Chitrakoot district is a part of Chitrakoot Division.The district occupies an area of 3,45,291 km².As of 2011 it is the second least populated district of Uttar Pradesh (out of 71), after Mahoba. https://en.wikipedia.org/wiki/Chitrak... https://en.wikipedia.org/wiki/Chitrak... ----------------------------------------------- प्रतापगढ़ हब के बारे में और जानने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें- http://www.pratapgarhup.in प्रतापगढ़ हब फेसबुक पेज को लिखे करें-   / pratapgarh.hub   Twitter पर प्रतापगढ़ हब को follow करें-   / pratapgarhhub   Google+ पेज पर प्रतापगढ़ हब को follow करें- https://plus.google.com/+Pratapgarhhub इस वीडियो को बनाया और एडिट किया गया है ब्रेन्स नेत्र लैब में http://www.brainsnetralab.in